
ब्रिटिश शासन काल की घुमाऊदार रोड़ की जगह पीएम मोदी के कार्यकाल में जंगल-नदी और पहाड़ों के ऊपर से बनी ऐतिहासिक ग्रीन इकोनॉमिक कॉरिडोर वे…ढाई घंटे में दिल्ली का सफर...
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तैयारियों को लेकर की उच्चस्तरीय बैठ कार्यक्रम को भव्य और जनभागीदारी से सफल बनाने के निर्देश:-
- इकोनॉमिक कॉरिडोर से रोजगार, पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा सीएम धामी..
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों में झलकेगी उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति
- राज्यभर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश
- रोड शो के दौरान जन-जन से सहभागिता की अपील..
देहरादून : आगामी 14 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,उत्तराखंड की राजधानी देहरादून पहुँच रहें हैं,यहाँ वह देहरादून-दिल्ली ऐतिहासिक इकोनामिक कॉरिडोर एक्सप्रेस हाईवे का शुभारंभ करेंगे. इस अवसर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के इतिहास का “स्वर्णिम अध्याय” बताया हैं ..मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आगामी 14 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री के उत्तराखण्ड आगमन एवं दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे) के शुभारम्भ कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक ली। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक बताते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस भव्य आयोजन में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह कार्यक्रम जन-उत्सव का रूप ले सके…

इस बात की प्रबल संभावनाएं जताई जा रही है कि इस इकोनामिक कॉरिडोर से रोजगार,पर्यटन और व्यापार को बड़ा बढ़ावा मिल सकता हैं..ये ऐसा ऐतिहासिक विकास कार्य हैं जों ब्रिटिश शासनकाल के बाद PM मोदी के कार्यकाल में देहरादून-दिल्ली को ढाई घण्टे में जोड़ने के लिए दून घाटी नदी,जंगलों और पहाड़ों के ऊपर से Green Express Way हैं,जों देहरादून से दिल्ली, यूपी और अन्य राज्यों को उत्तराखंड के लिए बेहद इकोनामिक (व्यापार )बढ़ाने में कारगर साबित हो सकता है.


मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस इकोनामिक कॉरिडोर शुभारंभ के कार्यक्रम की रूपरेखा को अत्यंत आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बनाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भव्यता के साथ आयोजित करने पर बल देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत—गढ़वाली, कुमाऊनी एवं जौनसारी लोकनृत्यों और संगीत की झलक इस आयोजन में भव्य रूप से दिखाई देनी चाहिए। कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक एवं आधुनिक साज-सज्जा के समन्वय से सजाया जाए तथा कलाकारों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न होकर उत्तराखण्ड की संस्कृति, परंपरा और गौरव का प्रतीक बने।
मुख्यमंत्री धामी ने जनमानस से भी इस ऐतिहासिक अवसर में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों से निकलकर राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रधानमंत्री के रोड शो के दौरान कार्यक्रम में शामिल हों और पूरे राज्य में उत्सव जैसा माहौल बनाया जाए। साथ ही, कार्यक्रम से पूर्व प्रदेशभर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि, प्रशासन और आम नागरिक मिलकर इस आयोजन को स्वच्छ, सुंदर और यादगार बनाएं।
दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह परियोजना उत्तराखण्ड के विकास को नई दिशा देने वाली सिद्ध होगी। इस कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, प्रदेश में औद्योगिक और व्यवसायिक गतिविधियों का विस्तार होगा, जिससे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर लॉजिस्टिक्स, परिवहन और निवेश के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना का शुभारम्भ उत्तराखण्ड के विकास के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा और प्रदेश को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त बनाएगा।



इस बैठक में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे, जिनमें सचिव शैलेश बगौली, कमिश्नर विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल रहें ।









