
हरिद्वार: देहरादून के बाद अब हरिद्वार जिला प्रशासन ने भी जनपद में अवैध मजारों को चिन्हित करने का काम शुरू कर दिया है.प्रशासन के सर्वे होते ही अवैध मजार बनाने वालों ने खुद ही उसे तोड़ने का काम शुरू कर दिया.जानकारी के मुताबिक लक्सर रोड के कतारपुर अलीपुर में एक अवैध मजार जिला प्रशासन की सर्वे में सामने आई.सर्वे टीम ने जब इसके बारे में दस्तावेज और निर्माण की अनुमति मांगी तो वे दिखा नहीं पाए..ऐसे में प्रशासन की टीम अभी मौके पर ही थी,उसी दौरान उसके संचालक की पत्नी और अन्य लोगों ने मिलकर खुद ही अवैध निर्माण संरचना को तोड़ने का काम शुरू कर दिया…



जानकारी के अनुसार हरिद्वार जिले में हालफिलहाल अवैध रूप से बनाई गई ऐसे 30 से अधिक संरचनाएं है,जिनका सर्वे का काम चल रहा है,और प्रशासन उन्हें नोटिस भी दे रहा है. हरिद्वार जिलाधिकारी- मयूर दीक्षित ने बताया कि अवैध रूप से बनी धार्मिक संरचनाओं को चिन्हित किया गया हैं.साथ ही भूमि संबंधी और निर्माण अनुमति संबंधी नोटिस दिए जाने की प्रकिया भी गतिमान है.इसी क्रम में आज कतारपुर अलीपुर क्षेत्र में बनी अवैध मजार को प्रशासन की कार्रवाई से पहले ही स्थानीय लोगों द्वारा स्वयं ही हटा लिया गया है.
DM दीक्षित ने कहा बेहतर यहीं होगा कि लोग अवैध संरचनाओं को स्वयं हटा कर मिसाल पेश करें. अथवा जिला प्रशासन अपनी सख्त कारवाई करेगा..उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर इस तरह के अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त धाराओं में कारवाई करने में कोई परहेज नहीं करेगा.
जानकारी के अनुसार उत्तराखंड की धामी सरकार अब तक ऐसी 545 अवैध मजारों को देवभूमि से हटा चुकी हैं.खास बात ये है कि उक्त मजारों के भीतर कोई अवशेष नहीं मिले और इनके पीछे एक मात्र उद्देश्य सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे कर धंधा करना रहा है..