फ़र्ज़ी रजिस्ट्री घोटालें से जुड़ा एक और खुलासा: इंग्लैंड NRI महिला की करोडों की भूमि के फर्जी दस्तावेज बनाकर सौदेबाज़ी करने वाले गिरोह का दून पुलिस ने किया भंडाफोड़..03 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार..मुख्य अभियुक्त के खिलाफ भूमि धोखाधड़ी के कई मुकदमें..

भूमाफियाओं की संपत्ति ज़ब्त कराने के साथ ही पीड़ितों को न्याय दिलाना प्राथमिकता:एसएसपी देहरादून..

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून कर बहुचर्चित फर्जी रजिस्ट्री घोटाले से जुड़ा एक और मामला सामने आया है.. नए मामले में इंग्लैंड निवासी एक NRI महिला की राजपुर रोड़ स्थित बेशकीमती जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाकर करोड़ों में सौदेबाजी करने वाले 03  अभियुक्तों को दून पुलिस ने गिरफ्तार किया है..इस जालसाजी में देहरादून डिफेंस कॉलोनी निवासी मुख्य अभियुक्त ओमवीर तोमर के खिलाफ भूमि धोखाधड़ी के कई मुकदमें पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज है..जबकि मुजफ्फरनगर निवासी संजय कुमार शर्मा पुत्र राम रतन शर्मा और सतीश कुमार पुत्र फूल सिंह इस गिरोह के सदस्य हैं.

बड़े जमीनों के कई और फर्जीवाड़े जांच की रडार पर:एसएसपी

देहरादून एसएसपी अजय सिंह के अनुसार देहरादून के चर्चित फर्जी रजिस्ट्री घोटाले के मास्टरमाइंड केपी सिंह से जुड़े मुजफ्फरनगर के गिरोह के बारे में भी जानकारी सामने आई थी. उसी क्रम दर्ज मुकदमें के तहत एनआरआई महिला की राजपुर रोड स्थित करोडों की जमीन जालसाजी में इन तीन अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है. एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक अभी देहरादून में 14 से 15 ऐसे और बड़े जमीनों के फर्जीवाड़े सामने आए हैं जिन पर पुलिस की जांच पड़ताल चल रही है..इस तरफ के व्हाइट कोलर अपराध से जुड़े गिरोह से जुड़े कई और लोगों के नाम भी सामने आए हैं.. जल्दी सबूत के आधार पर प्रभावी कार्रवाई होगी..

बाइट:अजय सिंह ,एसएसपी, देहरादून..

फ़र्जी हस्ताक्षर करने वाले फॉरेन्सिक एक्सपर्ट की गिरफ्तारी से हुआ NRI जमीन का खुलासा..

देहरादून एसएसपी अजय सिंह के अनुसार फर्जी रजिस्ट्री घोटाले मामले में बीते 06 अक्टूबर 23 को गिरफ्तार किये गए अभियुक्त अजय मोहन पालिवाल से गहन पूछताछ में यह बात प्रकाश में आयी कि अभियुक्त फॉरेन्सिक एक्सपर्ट था.ऐसे में उसने अभियुक्त कमल बिरमानी और मास्टरमाइंड के.पी.सिंह आदि के साथ मिलकर कई जमींनो के जाली रजिस्ट्री पत्रों में फर्जी राइटिंग के सहारे हस्ताक्षर बनाये.इन्हीं जाली दस्तावेजों का प्रयोग कर अभियुक्तगणों द्वारा फर्जी तरीके से जमीनों को बेच कर करोड़ो रूपये कमाये गये.. पुलिस पूछताछ में अभियुक्त अजय मोहन पालीवाल ने यह भी बताया कि के.पी. सिंह के कहने पर एक NRI महिला रक्षा सिन्हा की राजपुर रोड पर स्थित भूमि के कूटरचित विलेख पत्र (रजिस्ट्री) रामरतन शर्मा के नाम से बनाकर देहरादून निवासी ओमवीर तोमर और मुजफ्फर नगर निवासी सतीश व संजय को दिये  गए थे.ऐसे में अभियुक्त अजय मोहन पालीवाल के बयानों को तस्दीक करने पर ज्ञात हुआ कि राजपुर रोड मधुबन होटल के सामने NRI महिला रक्षा सिन्हा की करीब दो से ढाई बीघा भूमि में फर्जीवाड़े का खेल हुआ.इस बेशकीमती जमीन के कूटरचित दस्तावेजों को रजिस्ट्रार कार्यालय में सम्बन्धित रजिस्टर में लगा देने के मामलें में सहायक महानिरीक्षक निबन्धन द्वारा कोतवाली नगर में  धारा 420, 467, 468, 471, 120बी IPC में मुकदमा पंजीकृत कराया गया.जिसकी विवेचना SIT द्वारा प्रचलित हैं.इसी क्रम में जेल भेजे गए अभियुक्त अजय मोहन पालीवाल (हस्ताक्षर एक्सपर्ट) के बयानों के आधार पर SIT टीम द्वारा मुख्य अभियुक्त ओमवीर तोमर सहित उसके सहयोगी सतीश व संजय के खिलाफ साक्ष्य संकलन कर इनको गिरफ्तार किया..

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 फर्जी दस्तावेजों में भूमि को सन् 1979 में क्रय-विक्रय दिखा  कम्पनी से हुआ करोडों में सौदा..

पुलिस ख़ुलासे के अनुसार गिरफ्तार तीनों अभियुक्तों से पूछताछ करने पर पता चला कि देहरादून (डिफेंस कॉलोनी) निवासी ओमवीर तोमर का पूर्व से ही जमीनों के फर्जीवाड़े का आपराधिक इतिहास रहा है.. पूर्व में कई विवादित जमीनो में भी उसकी संलिप्ता रही है.ओमवीर की जान पहचान फ़र्जी रजिस्ट्री घोटालें के मास्टरमाइंड सहारनपुर निवासी  के.पी. सिंह से पहले की थी.के.पी.की तरह ही ओमवीर भी देहरादून में विवादित व खाली पड़ी जमीनों पर गिद्ध की नजर रखता था.. इसी बीच ओमवीर की नजर में राजपुर रोड मधुबन होटल के पास स्थित दो-ढाई बीघा जमीन पर पड़ी.. इस बेशकीमती प्रॉपर्टी के सम्बन्ध में जानकारी करने पर उसे ज्ञात हुआ कि ये जमीन विदेश में रहने वाली NRI महिला रक्षा सिन्हा के नाम पर है,जो काफी वर्षों से देहरादून नहीं आई है. इतना ही नहीं ओमवीर ने जब रक्षा सिन्हा की पूरी जानकारी निकाली तो उसे पता चला कि रक्षा के पिता पी.सी. निश्चल देहरादून में रहते थे.लेकिन उनकी मृत्यु हो चुकी है..बस इसके बाद इस जमींन के बारे में ओमवीर ने के.पी. सिंह को बताया गया..फिर के.पी. ने इस जमीन को उत्तराखण्ड से बाहरी बुजुर्ग व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड विलेख पत्र के माध्यम से काम करा देने का आश्वासन दिया.लेकिन इस काम के लिए ओमवीर को किसी बाहरी बुजुर्ग व्यक्ति को लाने की जिम्मेदारी दी गई. ओमवीर ने अपने परिचित मुजफ्फरनगर निवासी सतीश के माध्यम से उसके दोस्त संजय जो की मुजफ्फरनगर का रहने वाला है,उसके पिता रामरतन शर्मा के नाम पर NRI भूमि के फर्जी विलेख पत्र के.पी. सिह के माध्यम से तैयार करवाये.. फर्जी दस्तावेजों में भूमि को सन् 1979 में पी.सी. निश्चल से राम रतन के नाम क्रय-विक्रय करना दिखाया गया..इसके पश्चात गिरोह के अभियुक्तों द्वारा कूटरचित विलेख पत्र को देहरादून रजिस्ट्रार कार्यालय में बाईन्डर का कार्य करने वाले सोनू के माध्यम से रजिस्ट्रार कार्यालय में मौजूद सम्बन्धित रजिस्टरों पर लगा दिया गया.इसके पश्चात ओमवीर द्वारा NRI की प्रॉपर्टी को मार्केट में बिकने के लिए उतारा गया..वही दूसरी तरफ पूर्व से ही इस प्रॉपर्टी की अच्छी जानकारी रखने वाले देहरादून निवासी मनोज तालीयान को इस प्रॉपर्टी के सम्बन्ध में जानकारी होने पर उसके द्वारा राम रतन शर्मा व उनके बेटे संजय शर्मा से मुजफ्फरनगर में मिलकर जमीन का सौदा ग्रीन अर्थ सोलर पावर लिमिटेड से 3 करोड़ 10 लाख में तय कराया गया.डील तय होने पर बतौर एग्रीमेन्ट के एवज में 1 करोड़ 90 लाख रूपये संजय सिंह को दिये.जिसमें से पूर्व में तय अनुसार संजय सिंह को 66 लाख,ओमवीर को 96 लाख और सतीश को 38 लाख रुपये की धनराशि मिली.इस लेन-देन के कुछ समय बाद भूमि ख़रीदने वाली कम्पनी को रजिस्ट्री की जानी थी.लेकिन सम्बन्धित कम्पनी द्वारा इस प्रॉपटी के पूर्व में चले आ रहे विवाद के हल होने के बाद ही रजिस्ट्री कराने और शेष रकम को रजिस्ट्री के बाद देने की बात कही गयी थी.इससे पूर्व की जमीन विवाद का हल होता..उससे पहले ही देहरादून में विभिन्न जमीनों के फर्जी रजिस्ट्री तैयार कर घोटालों के साथ ही इस फर्जीवाड़े का भी मामला उजागर हो गया..

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भूमाफियाओं की संपत्ति ज़ब्त कराने के साथ ही पीड़ितों को न्याय दिलाना प्राथमिकता:एसएसपी देहरादून..

   देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि, जमीन फर्जीवाड़े में दून पुलिस जड़ तक जाकर सभी सक्रिय गैंग का पर्दाफाश करेगी..कुछ अन्य लोगो का भी इस तरह से संगठित गैंग बनाकर लंबे समय से देहरादून में जमीनों की धोखाधड़ी करना प्रकाश में आया है. प्रारंभिक जांच में जिस तरह से साक्ष्य लगातार सामने आ रहे हैं, उससे ऐसा लगता है की जमीन धोखाधड़ी में कही न कही जो अवैध अकूत संपति ऐसे अपराधियों द्वारा अर्जित की गई है, उसके पीछे कई अन्य बड़े अपराध भी अपराधियों द्वारा किए जाने की संभावना है..ऐसे में इनकी गहनता से विस्तृत जांच कर ऐसे सभी अपराधियों की संपत्ति को जब्त कराने के साथ ही पीड़ितों लोगों को न्याय दिलाना दून पुलिस की प्राथमिकता है.

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गिरफ्तार अभियुक्त

1-  संजय कुमार शर्मा पुत्र श्री रामरतन शर्मा निवासी पंचेड़ा रोड निकट गोल्डन पब्लिक स्कूल थाना नई मंडी, मुज्जफरनगर उत्तर प्रदेश, उम्र 48 वर्ष। 

2- ओमवीर तोमर पुत्र स्व0 श्री  ओमप्रकाश निवासी B 220 सेक्टर 2, डिफेंस कॉलोनी देहरादून, उम्र 67 वर्ष।

3. सतीश कुमार पुत्र स्व0 श्री फूल सिंह निवासी 1728 जनकपुरी रुड़की रोड़ थाना सिविल लाइन, मुज्जफरनगर, उत्तर प्रदेश, उम्र 60 वर्ष।

आपराधिक इतिहास अभि0 ओमवीर तोमर-

1-  मु0अ0सं0 27/14 धारा 420,467,467,120बी भादवि थाना क्लेमनटाउन जनपद देहरादून  

2-  मु0अ0सं0 29/15 धारा 364,302,201,120बी,34 भादवि थाना क्लेमनटाउन जनपद देहरादून

3-  मु0अ0सं0 36/17 धारा 406,420,120बी, 323,504,506 भादवि थाना क्लेमनटाउन, जनपद देहरादून

खबर सनसनी डेस्क

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