देहरादून:..बहुचर्चित रजिस्ट्री घोटालें प्रकरण में अब यूपी का नामी गैंगस्टर/हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार..देहरादून की एक और बेशकीमती ज़मीन का फर्जीवाड़ा भी आया सामने..कार्यवाही में लापरवाही बरतने वाले चौकी इंचार्ज पर भी एक्शन..

देहरादून: राजधानी देहरादून के चर्चित फर्जी रजिस्ट्री घोटाले से जुड़े मामले में देहरादून पुलिस ने एक और कुख्यात गैंगस्टर/हिस्ट्रीशीटर विशाल कुमार को मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया है..पुलिस की पकड़ में आये  मुजफ्फरनगर शामली निवासी अभियुक्त विशाल पर आरोप हैं कि उसके द्वारा राजपुर रोड़ (जाखन) स्थित एक बेशकीमती जमीन से जुड़े 1978 की एक फर्जी रजिस्ट्री तैयार कर प्रॉपटी बेचा गया..आरोप हैं कि इस पूरे फर्जीवाड़े में फ़र्ज़ी रजिस्ट्री घोटालें से जुड़े अभियुक्त एडवोकेट कमल विरमानी,वकील इमरान और मास्टरमाइंड के.पी.सिंह (कुँवर पाल सिंह) की मिलीभगत से विशाल कुमार ने धोखाधड़ी को अंजाम दिया..पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त विशाल कुमार के खिलाफ मुजफ्फरनगर सहित कई जगह में हत्या व धोखाधड़ी जैसे संगीन 15 मुकदमे दर्ज हैं.इसके अलावा अभियुक्त यूपी पुलिस रिकॉर्ड में गैंगस्टर और हिस्ट्रीशीटर भी घोषित है..   

बाइट:अजय सिंह,एसएसपी, देहरादून..

गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ विवेचना में लापरवाही बरतने वाले चौकी इंचार्ज पर कार्यवाही

वही दूसरी तरफ़ अभियुक्त विशाल कुमार के खिलाफ थाना राजपुर में पंजीकृत धोखाधडी के मुकदमें की विवेचना में लापरवाही बरतने पर जाखन चौकी प्रभारी सुमेर कुमार को किया एसएसपी कार्यालय अटैच किया गया हैं.. 

दून वासियों के साथ धोखाधड़ी करने वाले कही भी हो..बख्से नही जायेंगे: एसएसपी देहरादून

पुलिस जानकारी के अनुसार 15 सितबंर 2023 को शिकायतकर्ता संदीप श्रीवास्तव (सहायक महानिरीक्षक निबंधन देहरादून) व जिलाधिकारी द्वारा गठित समिति की जांच रिपोर्ट बाबत अज्ञात अभियुक्तगणों की मिलीभगत से धोखाधड़ी की नियत से आपराधिक षडयन्त्र रचकर उप निबंधक कार्यालय प्रथम/द्वितीय जनपद देहरादून में भिन्न-भिन्न भूमि विक्रय विलेख से सम्बन्धित धारित जिल्दों के क्रमशरू (विलेख सं0 2719/2720 वर्ष 1972 विलेख सं0 3193 विलेख सं0 3192 विलेख सं0 545 वर्ष 1969 बिलेख सं०10802/10803 ) के साथ छेडछाड कर अभिलेखो की कूटरचना करना के सम्बन्ध में दी गयी.. तहरीर के आधार पर कोतवाली नगर देहरादून पर धारा 420/120बी/467/468/471 भादवि बनाम अज्ञात अभियुक्तगण पंजीकृत किया गया..इस प्रकरण की विवेचना गठित SIT द्वारा की जा रही है..SIT टीम द्वारा रजिस्ट्रार ऑफिस से जानकारी करते हुए रिंग रोड से सम्बन्धित 30 से अधिक रजिस्ट्रियों का अध्ययन कर सभी लोगों से पूछताछ की गई.. पूछताछ में कुछ प्रोपटी डीलर के नाम प्रकाश में आये.इतना ही नहीं अभियुक्तों से गहन पूछताछ में इस फर्जीवाड़े में कई अन्य लोगों के नाम भी प्रकाश में आये..ऐसे में गठित SIT द्वारा कई संदिग्धों के विभिन्न बैंक अकाउण्ट का भी अवलोकन किया गया,जिसमें करोड़ो रूपयो का लेन-देन होना पाया गया. वही आरोपित लोगों द्वारा बनाये गये दस्तावेजों को रजिस्ट्रार कार्यालय से प्राप्त करने पर कई फर्जीवाड़े का होना भी जांच पाया गया…पुलिस कार्यवाही मेंपूर्व में गिरफ्तार अभियुक्तगण- सन्तोष अग्रवाल, दीप चन्द अग्रवाल,मक्खन सिंह,डालचन्द,वकील इमरान अहमद,अजय सिंह क्षेत्री,रोहताश सिंह, विकास पाण्डे, कुंवर पाल उर्फ के0पी0 और नामी वकील कमल विरमानी को गिरफ्तार किया जा चुका है.ये सभी आरोपी वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार में निरूद्ध है.. SIT टीम द्वारस आरोपित लोगों से फिर से हुई विस्तृत पूछताछ में कई अन्य लोगों के नाम भी प्रकाश में आये थे, जिनकी तलाश में गठित टीम द्वारा लगातार दबिशें व सुरागरसी जारी  है.. पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर प्रकाश में आया कि राजपुर रोड जाखन स्थित भू-स्वामी स्वरूप रानी की भूमि के भी विलेख कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर पूर्व की भांति तैयार कर मुजफ्फरनगर निवासी मांगे राम के नाम किये गये और उन्हें भी रजिस्ट्रार रिकॉर्ड रूम में चढ़ाया गया.. इस कूटरचित अभिलेख की जांच करने पर पाया कि अभियुक्तगणों द्वारा इस भूमि के विलेख मांगे राम के नाम तैयार करने के पश्चात उनकी मुत्योपरान्त इनकी वसीयत तैयार कर इनके पुत्र विशाल कुमार के नाम होना दर्शाया गया.. फ़र्जी दस्तावेजों के आधार पर यह भूमि पहले रेखा शर्मा पत्नी संजय शर्मा को विक्रय किया गया.फिर इसके तत्पश्चात यही भूमि रेखा शर्मा से देहरादून निवासी कमल जिंदल को यह बेची गयी..एसआईटी टीम ने दस्तावेजों की जांचपरान्त सुरागरसी करते हुए  28.09.2023 की शाम को मुजफ्फरनगर से अभियुक्त विशाल कुमार को मु0अ0सं0 28123 धारा 420/467/468/471/120बी IPC के तहत गिरफ्तार किया गया..

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एडवोकेट विरमानी ने ही दूसरे की प्रॉपर्टी दिखा फर्जीवाड़े में निभाई भूमिका: पुलिस

पुलिस SIT के मुताबिक फ़र्जी रजिस्ट्री घोटालें के अभियुक्तों से पूछताछ में यह बात प्रकाश में आयी कि अभियुक्त विशाल कुमार प्रोपर्टी डीलिंग का काम करता है. हिस्ट्रीशीटर विशाल के खिलाफ मुजफ्फरनगर में पूर्व से ही कई संगीन मुकदमें पंजीकृत हैं..जांच में पता चला कि अभियुक्त विशाल कुमार प्रोपर्टी के सिलसिले में वह 2018 में देहरादून आया करता था. यहाँ उसकी मुलाकात वकील कमल बिरमानी से हुई थी.कमल विरमानी द्वारा ही अभियुक्त विशाल को जाखन में स्वरूप रानी की प्रोपर्टी दिखायी गयी.इस दौरान यह भी पता चला कि प्रॉपर्टी की वारिस  स्वरूप रानी की मृत्यु हो चुकी है और उनकी 02 लडकियां नोएडा व विदेश में रहती है..जांच में बात सामने आयी की एडवोकेट कमल विरमानी ने ही विशाल कुमार को अपने सहयोगी वकील इमरान के पास भेजा..इसके पश्चात विशाल कुमार की मुलाकात के0पी0 सिंह से करायी गयी..इसके बाद इन सभी ने मिलकर वर्ष 1978 में फर्जी विलेख पत्र बनामकर जाखन स्थित प्रोपटी स्वरूप रानी से विशाल कुमार के पिता मांगेराम के नाम विलेख पत्र बनवाकर उन्हें अपने अन्य सहयोगियों की मदद से रजिस्ट्री कार्यालय में दर्ज करा दिया.. इसके उपरांत मांगे राम के नाम से बतौर वसीयत जाखन स्थित प्रोपर्टी विशाल कुमार के नाम होना दिखाया गया. और फिर इसी प्रॉपर्टी को इनके द्वारा संजय शर्मा के साथ 02 करोड़ 90 लाख में सौदा तय करते हुए बतौर रजिस्ट्री संजय शर्मा की पत्नी रेखा शर्मा के नाम कर दी गयी.. खरीदार संजय शर्मा से इन लोगों को 45 लाख रूपये प्राप्त हुए.. इन रुपयों को चारों लोगों द्वारा आपस में बांट लिया गया.लेकिन इस प्रोपर्टी का दाखिल खारिज न होने के कारण इन लोगों द्वारा पुनः इस भूमि को दलाल रकम सिंह के माध्यम से देहरादून निवासी कमल जिंदल को बतौर रजिस्ट्री विक्रय कर दी गयी..इस डील में 40 लाख रुपये कमल जिंदल से प्राप्त हुए, जिन्हें चारों लोगों ने आपस में बांट लिया.. इसके उपरान्त इन लोगों द्वारा उक्त प्रोपर्टी पर कब्जे का प्रयास किया जाने लगा. जिसकी जानकारी स्वरूप रानी की पुत्री मिनाक्षी सूद व किरन दवे को होने पर इनके द्वारा राजपुर थाने पर अभियुक्तगण विशाल कुमार व संजय शर्मा के खिलाफ मु0अ0सं0 73/ 2023 दर्ज करवाया गया.. मुकदमा दर्ज होने के उपरान्त कमल विरमानी व इमरान की सलाह पर विशाल कुमार व संजय शर्मा द्वारा मूल रजिस्ट्री खो जाने की बात तत्कालीक विवेचक को बतायी गयी.. साथ ही इनके द्वारा उक्त रजिस्ट्री खो जाने के बाबत वर्ष 2022 में मुजफ्फनगर थाना मंडी में गुमशुदगी लिखवायी गयी और मुजफ्फनगर के अखबार में भी यह बात छपाई गयी..ऐसे में मूल दस्तावेज प्राप्त न होने के कारण राजपुर थाना पर दर्ज इनके विरूद्ध अभियोग में धारा 420/120बी IPC के तहत आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित में किया गया..

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जल्द ही प्रकाश में आये अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी तय !..

पुलिस जांच के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त विशाल कुमार से पूछताछ में अन्य कई अभियुक्तगण के नाम भी प्रकाश में आये है. जिनके विरूद्ध भी SIT टीम द्वारा गहन जांच एवं साक्ष्य संकलन किया जा रहा है..ताकि शीघ्र ही प्रकाश में आये अन्य अभियुक्तगणों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जा रही है..

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गिरफ्तार नाम पता

1. अभि-विशाल कुमार पुत्र स्व- मांगेराम निवासी शान्ति नगर भोपारोड कूकडा थाना नई मण्डी मुजफ्फनगर (यूपी) मूल पता मौहल्ला कानूनगोयान कस्वा काधला,थाना कांधला जिला शामली (यूपी) उम्र 44 वर्ष.

खबर सनसनी डेस्क

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