लो जी अब विदेश भेजने वाली IELTS परीक्षाओं के नकल माफियाओं का STF ने किया पर्दाफाश,पंजाब के सरगना सहित तीन गिरफ्तार.. 80 नकलचीयों में से 15 कैंडिडेट STF के घेरे में.

देहरादून: अभी तक उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों में होने वाली परीक्षाओं में धांधलियों की खबरें लंबे समय से चर्चाओं में थी.लेकिन अब उत्तराखंड एसटीएफ ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो विदेशों में पढ़ाई और रोजगार से संबंधित होने वाली IELTS (International English Language Testing System) परीक्षाओं में नकल करा OMR शीट से छेड़छाड़ करने का गिरोह चला रहा था. इंटरनेशनल स्तर की इस धोखेबाजी में STF ने पंजाब (लुधियाना) निवासी नकल सरगना साहिल सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.इतनी ही नहीं STF के अनुसार विदेश भेजने की प्रक्रिया में आयोजित होने वाली इस English Language TestingSystem में नकल माफियाओं के तार देशभर में आईलेट्स (IELTS)कोचिंग सेंटर चलाने वालों से भी जुड़े हैं.ऐसे में इसकी जानकारी  सामने आने के बाद अब STF IELTS कोचिंग सेंटरों की भी छानबीन कर रही है.STF ने अभी तक इस गैंग के 26 वर्षीय पंजाब (लुधियाना) निवासी मास्टरमाइंड साहिल पुत्र सतीश कुमार के अलावा एक इंटरनेशनल कोरियर कंपनी के कर्मचारी शब्बीर खान पुत्र सुजात अली निवासी जिला पूर्णिया (बिहार)सहित उत्तर प्रदेश हरदोई के ट्रक ड्राइवर जितेद्र पुत्र जयराम को गिरफ्तार किया हैं.अभी तक की जानकारी में यह गिरोह 70 से 80 कैंडिडेट को फायदा पहुंचा चुका है,जिसमें से 15 कैंडिडेट की पहचान उत्तराखंड,हरियाणा और पंजाब कैंडिडेट के रूप में हुई हैं. एसटीएफ के अनुसार 2021 से सक्रिय हुआ पंजाब का यह गैंग बड़े स्तर पर भारत के कई राज्यों में फैला हो सकता है.जांच पड़ताल जारी हैं.

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देहरादून से गुड़गांव जाते वक्त रास्ते में होती थी आंसर शीट में टेंपरिंग

एसटीएफ के मुताबिक विदेश भेजने में इंग्लिश लैंग्वेज आंसर शीट से छेड़छाड़ कर लुधियाना निवासी नकल सरगना साहिल प्रति कैंडिडेट से 3 लाख रुपये वसूल कर उन्हें को फायदा पहुंचाने का काम पूरे फिल्मी अंदाज में करता था. ऐसा ही कुछ 25 फरवरी 2023 को हुआ,जब देहरादून परीक्षा सेंटर से जब आंसर शीट चेकिंग के लिए एक मल्टीनेशनल कोरियर कंपनी की गाड़ी गुड़गांव ऑफिस जा रही थी,तभी मोहंड़ का जंगल पार होते ही गिरोह में शामिल वाहन चालक जितेंद्र द्वारा गाड़ी को सड़क किनारे सुनसान जगह पर पार्क किया जाता है.और इसके बाद लुधियाना निवासी नकल माफिया साहिल अपने गुर्गों के साथ मिलकर पहले ट्रक के सील बंद साले को बड़े चालाकी से तोड़कर आंसर शीट वाले कंसाइनमेंट बक्से को निकाल कर अपने कार में रख लेता.और फिर इसके बाद गुड़गांव पहुंचने से पहले ही रास्ते में कैंडिडेट के साथ मिलकर OMR सीट से छेड़छाड़ कर उसे सही कर देता है. इसके उपरांत आंसर शीट के बक्से को हूबहू सील लगाकर फिर उसी ट्रक में योजनाबद्ध तरीके से रख देता है,जिस कोरियर वाहन द्वारा आंसर शीट का बक्सा गुड़गांव हेड ऑफिस चेकिंग के लिए जा रहा था.

STF के अनुसार इस मामले में पकडे गये साहिल पुत्र सतीश कुमार उम्र 26 वर्ष निवासी मो. कैलाश नगर रोड,लुधियाना ने बताया कि समिंदर पुत्र चुन्नीलाल निवासी मो. फिरोजपुर रोड, लुधियाना पंजाब मेरा सगा जीजा है. इसमें सारा गेम प्लान मेरे जीजा समिन्दर का होता है. समिन्दर की ही ड्राईवर जितेंद्र और शब्बीर खान से गाड़ी का लॉक खोलकर पेपर में बदलाव करने की सेटिंग की बात हुयी थी. दिनांक 25.2.23 को उसके द्वारा गाड़ी के ड्राइवर जितेन्द्र से सम्पर्क करके उसे मोहन्ड के पास रुकवा दिया और वहां पर अपने कंडीडेट्स को साथ ले जा कर गाड़ी से परीक्षा का सूटकेस को निकाल कर उसमें से जो बच्चे हमारे साथ आये उनकी कॉपियों को निकालकर वह कापिया बच्चों को दोबारा दी गई. और बच्चों से उनके आंसर सही करवा दिए. साथ ही जो गलतियां थी वह उन्होंने ठीक करवा दी और जो बच्चे नहीं आये थे उनकी आन्सर शीट को अन्य बच्चों की आंसर शीट से चेंज करवा दिया. उसके बाद उन कॉपियों को दोबारा उसी तरह से वापस सूटकेस बंद करके ब्लू डार्ट की गाड़ी में रख दिया.इस काम के लिये ब्ल्यू डार्ट वाला शब्बीर खान हमसे 50 हजार रूपये तथा गाड़ी का ड्राईवर जितेन्द्र तीन लाख रुपए लेता था. आईलेट्स के पेपर में पेन्सिल का प्रयोग ज्यादा होता है हम लोग एक ओएमआर शीट को अन्य बच्चों के ओएमआर शीट के साथ आसानी से बदल देते हैं. जो आईलेट्स की कोचिंग सेन्टर चलाते हैं उनके साथ सोमिन्दर के अच्छे सम्पर्क है. वो ही बच्चों को उपलब्ध कराते है और प्रत्येक बच्चे से 02 से 03 लाख रूपये लेकर कोचिंग सेन्टर वाला उनको देता है.

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1 साल में 48 बार होती है परीक्षाएं

भारत में आईडीपी IELTS(International English Language Testing System) एम्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन करवाते हैं। यह एक इंग्लिश लैग्वेज टेस्ट है। जिसकी आवश्यकता विदेश में पढ़ाई करने जाने वाले छात्रों को होती है। विदेश में पढ़ाई के लिये अकादमिक IELTS और वर्क वीजा या परमानेंटली उन देशों में बसने के लिए जनरल पेपर्स IELTS एग्जाम देना होता है। IELTS एग्जाम हर महीने में 04 और साल में 48 बार अलग-अलग तारीखों पर होता है और इस एग्जाम को पास करने पर एक सर्टिफिकेट दिया जाता है, जो 2 वर्ष के लिए वेध्य होता है। वर्तमान में पूरे भारत वर्ष में आईडीपी कम्पनी (maoni Devlopment Programmes) ATS के एग्जाम करा रहा है।आईडीपी का देहरादून में आयोजित होने वाली IELTS परीक्षा कराने की जिम्मेदारी प्लेनेट कम्पनी को दी है तथा ओएमआर शीट को आईबी के कार्यालय गुड़गांव तक सुरक्षित पहुंचाने का अनुबन्ध ब्लू डार्ट  कम्पनी से किया गया है.

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गिरफ्तार नकल माफिया

1. जितेन्द्र पुत्र जयराम निकीहनपुरा थाना सांडी जिला हरदोई उत्तर प्रदेश ।

2. साहिल पुत्र सतीश कुमार उम्र 26 वर्ष निवासी मो० कैलाश नगर रोड, लुधियाना।

3. शब्बीर खान पुत्र सुजात अली निवासी ग्राम डोरिया थाना अमोर जिला पूर्णिया, बिहार हाल पता ब्लू बार्ट कम्पनी ऑपरेशन मैनेजर डार्ट ऑफिस आईटीआई के सामने माजरा पटेलनगर

खबर सनसनी डेस्क

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