देहरादून साइबर थाने ने एक और राष्ट्रीय साइबर घोटालें में लगभग 08 करोड़ ठगी के अभियुक्त को ग्वालियर से दबोचा..अभियुक्त के खिलाफ देशभर 123 मुक़दमें व 2311 विभिन्न साइबर अपराधों में आपराधिक तार..गिरफ्त में आये आरोपी को भारत के हर राज्य की पुलिस को थी तलाश..

टेलीग्राम/ इंस्टाग्राम आधारित सभी निवेश मॉडल घोटालों में साइबर पुलिस स्टेशन देहरादून (स्पेशल टास्क फोर्स) लगातार से गिरफ्तारियां कर रही है: STF

देहरादून: उत्तराखंड एसटीएफ के नेतृत्व में देहरादून साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने एक ऐसे राष्ट्रीय साइबर गिरोह अभियुक्त को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार की है,जिसके द्वारा 8 करोड रुपए की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया.. गिरफ्त में आए अभियुक्त के खिलाफ देश भर के राज्यों में न सिर्फ साइबर क्राइम से जुड़े लगभग 123 मुकदमें दर्ज हैं. बल्कि 2311 विभिन्न साइबर अपराधों में देश भर में आपराधिक तार जुड़े हैं..गिरफ्त में आये आरोपी को भारत के हर राज्य की पुलिस तलाश कर थी.. अभियुक्त के खिलाफ देश के अधिकांश राज्यों में साइबर ठगी के मामले दर्ज हैं.उत्तराखंड में ही 37 से अधिक मामलों में अभियुक्त की संलिप्तता गई..

देहरादून साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन के अनुसार देहरादून निवासी शिकायतकर्ता के साथ अज्ञात व्यक्ति द्वारा पहले टेलीग्राम के माध्यम से सम्पर्क कर पार्ट टाईम जॉब कर लाभ कमाने का लालच दिया गया.फिर उसके पश्चात  अज्ञात व्यक्ति द्वारा एक मो0नं0 से सम्पर्क कर स्वंय को “इन्फोटेक सोल्युशन कम्पनी” से बताकर ऑनलाईन गुगल रिव्यु पर रेटिंग पर जॉब कर लाभ कमाने की बात कहते हुए ठगी का जाल बिछाया गया.इसके बाद टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर लगातार कई कम्पनियों के नाम के लिंक भेजकर रेटिंग करने आदि सम्बन्धी टास्क देकर लाभ कमाने के नाम पर अलग-अलग तारीखों में ऑनलाइन लेन देन के माध्यम से कुल 19,41,900 /- रुपये धोखाधड़ी की गई..इस शिकायत के आधार पर साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून पर  धारा 420,120 बी IPC व 66(डी) आईटी एक्ट बनाम अज्ञात का अभियोग पंजीकृत किया गया..दर्ज मुकदमें में अभियुक्त के खिलाफ कार्यवाही के लिए गठित टीम द्वारा घटना में तकनीकी विश्लेषण से प्रकाश में आये 29 वर्षीय अभियुक्त प्रशान्त कष्टवाल पुत्र कृपाराम कष्टवाल निवासी एल0आई0जी0-479 नालंदा परिसर केसर बागरोड इन्दौर मधयप्रदेश के ग्वालियर से किया गिरफ्तार..

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अपराध का तरीकाः

 साइबर पुलिस की जांच पड़ताल में जानकारी सामने आई कि इस गिरोह के साइबर अभियुक्तों द्वारा फर्जी वैब साईट तैयार कर स्वंय को “इन्फोटेक सोल्युशन कम्पनी” के कर्मचारी / अधिकारी बताते हुये ऑनलाईन जॉब कर लाभ कमाने का लालच दिया जाता हैं..फिर टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर भिन्न भिन्न कम्पनियों के नाम के लिंक भेजकर रेटिंग करने आदि सम्बन्धी टास्क देकर लाभ कमाने के नाम पर  धोखाधडी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैक खातों में प्राप्त कर उक्त धनराशि का प्रयोग करते है.. गैंग के लोग इस ठगी के कार्य के लिए फर्जी सिम आईडी कार्ड का प्रयोग कर अपराध कारित किया जाता है..इतना ही नहीं साइबर अभियुक्त द्वारा विभिन्न मोबाईल हैण्डसेट, सिम कार्ड व फर्जी बैंक खातों का प्रयोग किया जाता है. कुछ पीडितों से एक मोबाईल फोन,सिम कार्ड व बैंक खाते का प्रयोग कर धोखाधड़ी करने के बाद इनके द्वारा नये सिम, मोबाईल हैण्डसैट व बैंक खातों का प्रयोग किया जाता है..

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अभियुक्त के खिलाफ देशभर के इन राज्यों में दर्ज साइबर ठगी के मामले

देहरादून साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के अनुसार इसके अतिरिक्त भारत सरकार I4C गृह मंत्रालय के सहयोग से अभियुक्त से बरामद विभिन्न बैंक खातों मोबाइल नंबरों का भी गहनता से विवेचना में विश्लेषण किया गया है, जिसमें अभियुक्त के ऊपर 123 मुकदमे एवं 2311 आपराधिक लिंकेज (Criminal Linkages) जो देश के सभी राज्यों में एवं केंद्र शासित प्रदेशों में मिले..अभियुक्त के ऊपर उत्तर प्रदेश 25 महाराष्ट्र 02 तेलंगाना 49 दिल्ली 10 बिहार 02 तमिलनाडु 11 हरियाणा 04 कर्नाटक 04 गुजरात 04 आंध्र प्रदेश 02 छत्तीसगढ़ 03 उत्तराखण्ड 02 चंडीगढ़ 02 अरुणाचल प्रदेश 01 वेस्ट बेंगाल 02 आदि मिलाकर के कुल 123 अभियोग में अभियुक्त वांछित है . उत्तराखण्ड राज्य में ही 37 मामलों में अभियुक्त की संलिप्तता पाई गई है ..

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गिरफ्तार साइबर अभियुक्तः-

1- प्रशान्त कष्टवाल पुत्र कृपाराम कष्टवाल निवासी एल0आई0जी0-479 नालंदा परिसर केसर बागरोड इन्दौर मधयप्रदेश  – उम्र 29 वर्ष ।

कुल बरामदगी¬

1- 01 मोबाईल फोन मय 03 सिम कार्ड।

2- 01 आधार कार्ड।

3- 01 पैन कार्ड।

4- 01 चैक बुक।

खबर सनसनी डेस्क

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