
SSP दून के दमदार नेतृत्व में पुलिस ने सुलझायी ब्लाइंड मर्डर की मिस्ट्री…पांचवे दिन महिला के शव को कट्टे में डालकर पति द्वारा मांडूवाला के जंगलों में फेंका गया..अज्ञात महिला को न्याय दिलाने के लिए स्वंय वादी बनी थी दून पुलिस…
देहरादून :11 मार्च 2026 को थाना प्रेमनगर मांडूवाला रोड के अंतर्गत बालासुदरी मंदिर जंगल में मिले एक अज्ञात महिला शव का खुलासा करते हुए पुलिस ने मृतक महिला के पहले पति को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है.पुलिस खुलासे के अनुसार घटनास्थल के आसपास 5000 से अधिक बाहरी लोगों के भौतिक सत्यापन और लंबी जांच पड़ताल के उपरांत पता चला कि मृतक महिला के पहले पति ( रंजीत शर्मा,निवासी बिहार)द्वारा ही गला घोंटकर हत्या की घटना को अंजाम दिया गया. हत्या की वजह पहली पत्नी (रूपा, मृतका )से छुटकारा पाना था,क्योंकि हत्यारा पति दूसरी शादी कर चुका था, और मृतक महिला भी उसे कुछ समय पहले छोड़कर दूसरे व्यक्ति के साथ चली गई थी. लेकिन वर्तमान समय में मृतक महिला (रूपा, निवासी,बिहार )दूसरे पति को छोड़ पहले पति(रंजीत )के साथ रहने के जिद कर रही थी. इसी के चलते दोनों में विवाद बढ़ता चला गया,और फिर 05 मार्च 2026 को दोनों के बीच झगड़े के दौरान पति रंजीत ने पहली पत्नी (रूपा )को गला घोंट मौत के घाट उतार दिया.हत्या की घटना करने के बाद आरोपी पति रंजीत शर्मा ने मृतक महिला के शव को एक अलग कमरे में चार दिन तक रजाई के निचे छुपाये रखा. और जैसे ही उसकी दूसरी पत्नी घर पर आ गई. उसके बाद पांचवें दिन शव को कट्टे में डालकर प्रेमनगर मांडू वाला रोड के अंतर्गत बाला सुंदरी मंदिर जंगल में फेंक दिया..

दून पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त (पति )ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2009 में उसका विवाह रूपा नाम की महिला से हुआ था.लेकिन 04 वर्ष पूर्व उसकी पत्नी रूपा ने किसी अन्य पुरूष के साथ भागकर उससे शादी कर ली.इसके बाद अभियुक्त (पति )ने भी अपने गांव में रहने वाली सुशीला नाम की एक महिला से विवाह कर लिया.जो पूर्व से ही शादी शुदा थी. अब अभियुक्त पिछले 12 वर्षों से देहरादून में अलग-अलग स्थानों पर रहकर मजदूरी कर रहा था और पिछले 01 साल से उसकी दूसरी पत्नी सुशीला गांव में ही रह रही थी.इसी बीच लगभग 1 वर्ष पूर्व उसकी पहली पत्नी रूपा अपने दूसरे पति को छोडकर वापस गांव आ गई.और फिर से अभियुक्त के सम्पर्क में आकर उससे दोबारा से रिश्ता जोड़ने के लिए बातें करने लगी. उधर 23 फ़रवरी 2026 को अभियुक्त की पहली पत्नी रूपा अपनी 11 माह की पुत्री के साथ अभियुक्त के पास देहरादून आ गई.और उसके साथ एक निर्माणाधीन (भवन)साइट पर ही रहने लगी. इसी दौरान पहली पत्नी (रूपा)द्वारा अभियुक्त पर अपनी दूसरी पत्नी को छोडने का दबाव बनाया जा रहा था,जिसे लेकर उन दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहा..दिनांक 05 मार्च 2026 की रात में अभियुक्त के अपनी दूसरी पत्नी से फोन पर बात करने के दौरान मृतका रूपा द्वारा उससे फोन छीनकर दूसरी पत्नी (सुशीला )से बात न करने का दबाव बनाया गया.इस बात को लेकर दोनों के बीच इतना विवाद और झगड़ा हुआ कि,अभियुक्त द्वारा रूपा का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई..वारदात के बाद हत्यारें पति ने शव को एक सफेद कट्टे में डालकर मकान के एक अलग कमरे रख दिया, और उसे छिपाने की नीयत से उस पर रजाई डाल दी.उसके बाद अभियुक्त ने अपनी दूसरी पत्नी को फोन कर उसे देहरादून आने के लिये कहा. इस दौरान शव को ठिकाने लगाने का मौका न मिलने और 11 माह की बच्ची के साथ होने के कारण अभियुक्त द्वारा उक्त शव को 04 दिनों तक उक्त मकान के एक अलग कमरे में रजाई से छिपाकर रखा.इसके बाद 08 मार्च 2026 को अपनी दूसरी पत्नी के देहरादून आने पर अभियुक्त द्वारा उक्त बच्ची को उसके पास छोडकर अपने ठेकेदार की मोटर साइकिल के पीछे शव के कट्टे को बांधकर शीतला देवी मन्दिर के पास जंगल में फेंक दिया गया.
पुलिस जांच में इस बात का भी पता चला कि मृतका रूपा के कुछ दिन पूर्व ही बिहार से देहरादून आने और स्थानीय लोगों को उसके बारे में ज्यादा जानकारी न होने के कारण अभियुक्त आश्वस्त था कि उसकी पहचान नहीं हो पायेगी.. जिसके चलते अभियुक्त द्वारा घटना के बाद भागने का प्रयास भी नहीं किया गया..
पुलिस के अनुसार 11-03-2026 को प्रेमनगर क्षेत्रान्तर्गत मॉडूवाला रोड, बालासुदरी मंदिर परिसर मे एक अज्ञात महिला का शव एक सफेद प्लास्टिक के कटटे मे बरामद होने की सूचना कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रेमनगर पुलिस को प्राप्त हुई. प्राप्त सूचना से उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए थानाध्यक्ष प्रेमनगर मय पुलिस बल के तत्काल मौके पर पहुंचे। मौके पर एक अज्ञात महिला का शव एक सफेद कट्टे के अन्दर पडा था, उसके बगल में एक रजाई पडी थी। जिससे सम्भवत: शव को ढका गया था। घटना की सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा घटना स्थल पर पहुंचकर उपस्थित अधिकारियों से घटना के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की गई। मौके पर फारेन्सिक टीम द्वारा घटनास्थल की फोटोग्राफी वीडियोग्राफी करते हुए आवश्यक साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की गई।मौके पर मृतक महिला की शिनाख्त हेतु आस-पास के लोगों से पूछताछ की गई पर महिला का शव 04 से 05 दिन पुराना होने तथा शव का चेहरा पूरी तरह खराब हो जाने के कारण उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई। पुलिस द्वारा मौके पर मृतक महिला का पंचायतनामा भरते हुए शव को शिनाख्त हेतु मोर्चरी में रखवाया गया। घटना के सम्बन्ध में उ0नि0 अमित शर्मा चौकी प्रभारी झाझरा द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर थाना प्रेमनगर में मु0अ0सं0: 44/26 धारा: 103 (1), 238 बीएनएस का अभियोग पंजीकृत किया गया। मृतका के शव का पोस्टमार्टम डाक्टरो के पैनल के माध्यम से करवाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण गला दबाकर हत्या किया जाना पाया गया।घटना की संवेदनशीलता के दृष्टिगत उसके अनावरण हेतु एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर 08 अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा घटना स्थल व उसके आस-पास के जंगलों मंे काम्बिंग करते हुए घटना स्थल व आने जाने वाले मार्गो पर लगे 2500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों को बारीकी से चैक किया गया। साथ ही सर्विलांस व अन्य माध्यमों से भी घटना से जुडी जानकारियां एकत्रित की गई। परन्तु घटना स्थल शीतला माता मन्दिर व उसके परिसर में कोई सीसीटीवी कैमरा न होने व उसके आस-पास घने जंगल का क्षेत्र होने के कारण पुलिस को कोई ठोस जानकारी प्राप्त नहीं हो पाई।मृतक महिला के पहनावे से उसके किसी मलीन बस्तियो में रहने की सम्भावना के दृष्टिगत उसकी शिनाख्त हेतु पुलिस द्वारा घटना स्थल व उसके आस-पास के क्षेत्रों में लगभग 30 से अधिक मलीन/झुग्गी बस्तियों में व्यापक स्तर पर सत्यापन अभियान चलाते हुए लगभग 5000 बाहरी/स्थानीय व्यक्तियों का भौतिक सत्यापन किया गया। साथ ही नव निर्मित भवनों, हॉस्टलों, झुग्गी झोपडियों, नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों, मजदूरों, आदि के मध्य मृतक महिला की पहचान सम्बन्धी पाम्प्लेट वितरित कर सोशल मीडिया के माध्यम से भी शव की शिनाख्त के प्रयास किये गये।
पुलिस द्वारा शव की शिनाख्त हेतु लगातार किये जा रहे प्रयासों के दौरान के दौरान दिनांक 19.03.2026 को पुलिस टीम अज्ञात महिला की शिनाख्त हेतु कॉसवाली कोठरी पहुंची तो पुलिस टीम को जानकारी मिली कि कॉसवाली कोठरी मे एक नव निर्मित मकान मे काम करने वाला बिहार का एक मजदूर अपनी बीवी व छोटे बच्चे के साथ उसी साईट पर रहकर मजदूरी कर रहा था। पर होली के आस-पास से उसके साथ रहने वाली महिला दिखाई नहीं दे रही है। पर उसका बच्चा किसी अन्य महिला के साथ उक्त मजदूर के साथ दिखाई दे रहा है। जिस पर पुलिस टीम द्वारा उक्त मकान के ठेकेदार शिवजी, जो भाऊवाला मे रहता है,से गहनता से पूछताछ की गई तो उसके द्वारा बताया गया कि उसके पास काम करने वाले रंजीत शर्मा नाम के मजदूर की दो पत्नियां हैं, जिनमें से उसकी पहली पत्नी रूपा अपनी बच्ची के साथ माह फरवरी में उसके पास आई थी तथा निर्माणाधीन साइट पर ही उसके साथ रह रही थी।दिनाँक 08/03/2026 को रंजीत शर्मा द्वारा अपनी पत्नी व बच्ची को बिहार वापस भेजने की बात कहते हुए उससे मोटर साइकिल व 1500 रू0 मांगे तथा दिनांक: 09-03-26 को उसकी मोटर साइकिल वापस करते हुए उसे बताया कि उसकी पहली पत्नी रूपा बिहार चली गई है तथा दूसरी पत्नी सुशीला बिहार से उसके पास आ गई है। उसके बाद रंजीत अपनी दूसरी पत्नी व पहली पत्नी की बच्ची के साथ कुछ दिन उक्त साइट पर ही रहा तथा वर्तमान में भाटोवाला में रह रहा है। उक्त सूचना पर पुलिस टीम तत्काल भाटोवाला पहुंची जहां पुलिस टीम को देखकर उक्त संदिग्ध व्यक्ति रजींत भागने का प्रयास करने लगा, पर पुलिस टीम द्वारा उसे मौके पर दबोच लिया। जिससे सख्ती से पूछताछ करने पर उसके द्वारा उक्त अज्ञात महिला की पहचान अपनी पहली पत्नी रूपा के रूप में करते हुए उसका गला दबाकर उसकी हत्या करना तथा शव को कट्टे में डालकर शीतला माता मन्दिर के पास जंगल में फेंकने की बात स्वीकार की गयी जिस पर पर पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त को मौके से गिरफ्तार किया गया..
हत्या कि इस घटना का वर्कआउट करने वाली पुलिस टीम को पुलिस महानिरीक्षक गढवाल परिक्षेत्र महोदय द्वारा 5000 रू0 तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा 2500 रू0 के नगद पुरूस्कार से पुरुस्कृत करने की घोषणा की गई।
गिरफ्तार अभियुक्त:-
रंजीत शर्मा पुत्र बिन्देश्वरी शर्मा, निवासी गा्रम कडयूमर, पो0 सुखासन, थाना सिमरी बख्तयारपुर, जिला सहरसा, बिहार, उम्र 32 वर्ष, हाल निवासी भाटोवाला, देहरादून।
मृतक महिला :-
रूपा पत्नी रंजीत शर्मा निवासी ग्राम कडयूमर, पो0 सुखासन थाना सिमरी बख्तयारपुर जिला सहरसा, बिहार उम्र 32 वर्ष, हाल निवासी भाटोवाला, देहरादून।









