एक्शन:बाजपुर परगना क्षेत्र में 4 और मदरसे हुए सील,बिना मान्यता चल रहे मदरसों पर धामी सरकार की तालाबंदी तेज़..

अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण, शिक्षा बोर्ड मान्यता की अनिवार्यता के खिलाफ हाई कोर्ट में दायर हुई याचिका।

उधमसिंह नगर : धामी सरकार के निर्देशों के तहत जिला प्रशासन द्वारा मदरसों पर ताले लगाने की कार्रवाई तेज़ हो गई है.बाजपुर परगना क्षेत्र में ऐसे चार मदरसों को सील कर दिया गया है.जो अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण/शिक्षा बोर्ड से बिना मान्यता के संचालित हो रहें थे।


राज्य सरकार की इस कार्रवाई के खिलाफ मदरसों से संचालकों ने एक जुट होकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसकी कल प्रारंभिक सुनवाई में मदरसा पक्ष ने कहा है कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण और शिक्षा बोर्ड की मान्यता अनिवार्य होने से मदरसे बंद हो जाएंगे, क्योंकि उनके द्वारा उनकी दी गई शर्ते कई मदरसे पूरा नहीं कर पाएंगे। इस पर नैनीताल हाई कोर्ट ने सरकार से अगली तिथि 15 सितंबर को जवाब मांगा है।
उधर मुफ्तियों की धमकियों का करारा जवाब देते हुए धामी सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने बाजपुर क्षेत्र में बिना मान्यता के संचालित मदरसों को सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी है ,एसडीएम ऋचा सिंह और कोतवाली निरीक्षक नरेश चौहान ने पुलिस के दलबल के साथ सीलिंग की कार्रवाई की । एसडीएम ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर मदरसा जामिया हनफिया रजाउत उलूम बाजपुर,, मदरसा गुलशने इस्लाम कनोरा ,मदरसा जामिया फातिमा बाजपुर,मदरसा मोइनुल उलूम मोहल्ला गांधीनगर केलाखेड़ा बाजपुर को आवश्यक दस्तावेज न दिखाने पर सील कर दिया गया है।
वही अन्य मदरसों की भी जांच पड़ताल की जा रही है
जिला अधिकारी उधम सिंह नगर नितिन भदौरिया ने बताया कि सरकार के निर्देशों के तहत मदरसों का निरीक्षण अभियान जारी है जिन्होंने प्राधिकरण और शिक्षा बोर्ड से मान्यता नहीं ली है उन्हें बंद किया जाएगा।
अल्पसंख्यक विभाग के सचिव डॉ पराग मधुकर धकाते ने कहा कि नई व्यवस्था की मूल भावना स्पष्ट है कि बच्चों को उनकी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जोड़े रखते हुए उन्हें आधुनिक शिक्षा की मुख्यधारा से भी जोड़ा जाए। राज्य सरकार के अनुसार नई व्यवस्था का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में मदरसों को भी अपनी शिक्षा देने की व्यवस्था में सुधार करना है। यदि वो नहीं करेंगे तो उन्हें बंद किया जाएगा.उन्होंने ये भी कहा कि हाई कोर्ट में भी सरकार का पक्ष रखा जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  Good News:वीर नारियों व बलिदानी सैनिकों के आश्रितों की 100% ट्यूशन फीस माफ, अग्निवीरों को भी मिलेगा लाभ..भारतीय सेना और CIMS एंड UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के बीच शैक्षणिक सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण MoU.

मु्ख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि देवभूमि में मुल्लावादी सोच की शिक्षा ,काबीलाई मानसिकता वाली शिक्षा नहीं देने दी जाएगी। मदरसों के मुफ्तियों को समझ लेना चाहिए कि उन्हें अब राष्ट्रीय पाठ्यक्रम पढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि राज्यंके सभी बच्चे अच्छी शिक्षा ग्रहण करेंगे इसी सोच के साथ उत्तराखंड मदरसा बोर्ड को खत्म किया गया है। धामी कहते है मदरसो में बाहरी राज्यों के बच्चे ,उनकी पहचान छुपा कर लाये जाते थे,उनकी फंडिंग कौन कर रहा है उसका कोई हिसाब किताब नहीं दिया जाता है, इस लिए राज्य में ऐसे मदरसे अब नहीं चलेंगे और जो चलेंगे वो नियम कानून से ही चलेंगे।
,

यह भी पढ़ें 👉  Uttarakhand election 2022आज शाम से बंद होंगी भारत नेपाल सीमा पर आवाजाही, सीमा पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध..

परमजीत सिंह लाम्बा

संपादक - ख़बर सनसनी PH-7454913200,7906640014

सम्बंधित खबरें