
सालों से जाम में जूझ रहे शहरवासियों को कब मिलेगी राहत? अब डीएम ने मांगा ट्रैफिक सुधार का मास्टर प्लान, मसूरी जाने वाले वाहनों के लिए शहर के बाहर से रास्ते, पार्किंग और शटल सेवा पर होगा मंथन…
देहरादून:राजधानी देहरादून में बदहाल यातायात व्यवस्था अब आम लोगों के लिए रोजाना की परेशानी बन चुकी है। शहर के प्रमुख चौराहों से लेकर मुख्य सड़कों तक लगने वाले जाम ने लोगों का समय, ईंधन और धैर्य—तीनों की परीक्षा ली है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब ट्रैफिक की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, तो इसके स्थायी समाधान की ठोस पहल पहले क्यों नहीं हो पाई? अब चुनाव नजदीक आने के बीच जिला प्रशासन ने यातायात सुधार को लेकर व्यापक कार्ययोजना बनाने की कवायद तेज कर दी है..28 अक्टूबर को जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर देहरादून की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजना तैयार करने के निर्देश दिए। लेकिन शहरवासियों के लिए असली सवाल बैठक और निर्देशों का नहीं, बल्कि जमीन पर दिखने वाले परिणामों का है। क्या इस बार जाम से निजात दिलाने की योजना फाइलों से निकलकर सड़कों पर दिखाई देगी?

मसूरी जाने वाले वाहनों से शहर को मिलेगी राहत?
देहरादून में पर्यटन सीजन के दौरान मसूरी और अन्य पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले वाहनों का दबाव बढ़ने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। इसे देखते हुए डीएम ने शहर के भीतर अनावश्यक ट्रैफिक कम करने के लिए बाहरी मार्गों से वाहनों की आवाजाही की संभावनाएं तलाशने को कहा है। मसूरी में पार्किंग व्यवस्था मजबूत करने, शटल सेवा शुरू करने और सड़क कनेक्टिविटी सुधारने के लिए भी मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।हालांकि, योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वैकल्पिक मार्गों की व्यवहार्यता, पार्किंग की वास्तविक उपलब्धता और वाहनों के प्रवेश-निकास की व्यवस्था को कितनी गंभीरता से लागू किया जाता है।
23 पार्किंग स्थलों का प्रस्ताव, अब उपयोगिता की होगी जांच
इस बैठक में बताया गया कि पूर्व की योजना के तहत 23 स्थानों पर पार्किंग प्रस्तावित की गई है। डीएम ने इन स्थलों की उपयोगिता और व्यवहार्यता की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी जांचने को कहा गया है कि प्रस्तावित पार्किंग से वास्तव में जाम कम होगा या केवल नए निर्माण तक योजना सीमित रह जाएगी।एमडीडीए को यातायात पुलिस, परिवहन विभाग और टाउन प्लानर के साथ समन्वय बनाकर व्यापक ट्रैफिक मैनेजमेंट मास्टर प्लान तैयार करना है। इसमें जंक्शनों का सुधारीकरण, वैकल्पिक मार्ग, सड़क कनेक्टिविटी और यातायात दबाव वाले क्षेत्रों के समाधान शामिल किए जाएंगे।
निर्देशों से आगे बढ़कर जवाबदेही तय करना भी जरूरी
डीएम ने अधिकारियों से तत्काल किए जा सकने वाले सुधारों और लंबी अवधि में विकसित होने वाले बुनियादी ढांचे के कार्यों को अलग-अलग चिह्नित करने को कहा है। मसूरी के पार्किंग स्थलों का विवरण संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद और देहरादून शहर के पार्किंग स्थलों की जानकारी एसडीएम सदर को उपलब्ध करानी है। डीपीआर, भूमि की उपलब्धता और तकनीकी व्यवहार्यता का ब्योरा भी जुटाया जाएगा।दूसरे शहरों में अपनाए गए सफल यातायात प्रबंधन मॉडल का अध्ययन करने के निर्देश भी दिए गए हैं। लेकिन देहरादून की जनता को अब अध्ययन, समीक्षा और बैठकों से आगे बढ़कर समयबद्ध कार्रवाई की जरूरत है।
सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या देहरादून को जाम से राहत दिलाने की यह कवायद स्थायी समाधान बनेगी, या फिर यह भी निर्देशों और प्रस्तावों तक ही सीमित रह जाएगी? शहरवासियों को अब ऐसी व्यवस्था का इंतजार है, जिसमें रोजाना के सफर के लिए जाम से जूझना उनकी मजबूरी न रहें..











