
बेटियों को मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के लिए फर्जी आधार कार्ड, मूल निवास और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप; एक मामले में ₹25 लाख तो दूसरे में ₹30 लाख देने की बात सामने आई..
देहरादून: MBBS में दाखिला दिलाने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कराने के मामले में देहरादून पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने कार्रवाई तेज कर दी है। रायपुर और क्लेमेंटटाउन थानों में दर्ज मुकदमों की जांच के दौरान तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, अब तक इस प्रकरण में कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मामले में मेडिकल कॉलेजों में दाखिले और NEET काउंसलिंग के लिए कथित रूप से कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।


बेटियों के MBBS दाखिले के लिए बनवाए फर्जी दस्तावेज
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रवीण कुमार, जगपाल सिंह और रामपाल सिंह के रूप में हुई है। जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, प्रवीण कुमार और जगपाल सिंह ने अपनी बेटियों के मेडिकल दाखिले के लिए पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी रूपेश पंडित से संपर्क किया था। आरोप है कि उनके माध्यम से आधार कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र समेत अन्य दस्तावेज तैयार करवाए गए।
पुलिस के मुताबिक, इन दस्तावेजों के आधार पर प्रवीण कुमार की बेटी खुशी का मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराया गया, जबकि जगपाल सिंह की बेटी स्वाति को NEET काउंसलिंग में शामिल कराया गया।
₹55 लाख के लेनदेन का दावा
SIT की पूछताछ में सामने आए बयानों के अनुसार, प्रवीण कुमार ने कथित तौर पर दस्तावेज बनवाने के एवज में रूपेश पंडित को ₹25 लाख दिए, जबकि जगपाल सिंह द्वारा ₹30 लाख दिए जाने की बात सामने आई है। इस तरह इन दोनों मामलों में कुल ₹55 लाख के कथित भुगतान का खुलासा हुआ है। इन आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होना बाकी है।
तीसरे आरोपी ने बेटी के दाखिले के लिए अपनाया कथित फर्जीवाड़े का रास्ता
पुलिस के अनुसार, तीसरे आरोपी रामपाल सिंह ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने परिचित विशाल कुमार के साथ मिलकर अपनी बेटी तृप्ति के MBBS दाखिले के लिए कथित तौर पर फर्जी स्थायी निवास प्रमाण पत्र, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र और आधार कार्ड तैयार करवाए थे। आरोप है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर हरिद्वार के जीएमसी मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराया गया।
दस्तावेजों की जांच से सामने आया मामला
पुलिस के मुताबिक, 13 सितंबर 2026 को थाना रायपुर और थाना क्लेमेंटटाउन में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाने के संबंध में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण-1 जया बलूनी के नेतृत्व में SIT गठित की गई। जांच के दौरान अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में दर्ज पते गलत पाए गए। इसके बाद टीम ने संबंधित शिक्षण संस्थानों से दाखिले से जुड़े दस्तावेज कब्जे में लेकर जांच आगे बढ़ाई।
इन तीन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
- प्रवीण कुमार (48 वर्ष) — निवासी बड़कता, थाना बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश।
- जगपाल सिंह (50 वर्ष) — निवासी केशव नगर, लक्सर, हरिद्वार।
- रामपाल सिंह (52 वर्ष) — निवासी मोहल्ला चौहाना, कीरतपुर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश।
आगे भी जारी रहेगी जांच
SIT मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।ऐसे में मामले में लगाए गए आरोप पुलिस जांच और पूछताछ में सामने आए तथ्यों पर आधारित हैं। आरोपियों के दोषी होने का अंतिम निर्धारण न्यायालय द्वारा किया जाएगा।











