
मलिन बस्तियों से पॉश कॉलोनियों तक पुलिस की कार्रवाई, हॉस्टल-PG और होम स्टे में रहने वाले 1,500 से अधिक बाहरी व्यक्तियों व छात्रों का सत्यापन…
संदिग्धता के आधार पर 23 लोग पूछताछ के लिए थाने लाए गए, एसएसपी के निर्देश पर नगर से देहात तक चला अभियान
देहरादून: राजधानी देहरादून में बाहरी व्यक्तियों और किरायेदारों के सत्यापन को लेकर दून पुलिस ने रविवार, 11 अक्टूबर को व्यापक अभियान चलाया। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर नगर से लेकर देहात तक अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने मलिन बस्तियों, पॉश कॉलोनियों, हॉस्टल, पीजी और होम स्टे में रहने वाले लोगों का सत्यापन किया।
पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान 1,500 से अधिक किरायेदारों, बाहरी व्यक्तियों और छात्रों का भौतिक सत्यापन किया गया। इसके साथ ही पूर्व की आपराधिक घटनाओं में संलिप्त रहे, मामलों में प्रकाश में आए अथवा जमानत पर चल रहे 28 अभियुक्तों का भी सत्यापन किया गया।
किरायेदारों का सत्यापन नहीं कराने पर कार्रवाई
अभियान के दौरान किरायेदारों और घरेलू सहायकों का सत्यापन नहीं कराने तथा अन्य अनियमितताएं पाए जाने पर पुलिस ने 147 भवन स्वामियों के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस अधिनियम की धारा 83 के तहत कार्रवाई की। इन भवन स्वामियों पर कुल 14 लाख 70 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
संदिग्धता के आधार पर 23 लोगों से पूछताछ
पुलिस टीमों ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे 23 व्यक्तियों को आवश्यक पूछताछ के लिए थाने लाया। पुलिस के मुताबिक, इन व्यक्तियों से पूछताछ करने के साथ ही उनके सत्यापन की कार्रवाई की जा रही है।
एसएसपी के निर्देश पर चलाया गया अभियान
एसएसपी देहरादून ने सभी अधीनस्थ अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले बाहरी व्यक्तियों की तलाश करने और क्षेत्र में निवास कर रहे संदिग्धों एवं बाहरी व्यक्तियों का व्यापक स्तर पर सत्यापन करने के निर्देश दिए थे। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया था।
दून पुलिस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य किरायेदारों और बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन सुनिश्चित करना तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखना है।
मुख्य आंकड़े
- 1,500 से अधिक बाहरी व्यक्तियों, किरायेदारों और छात्रों का सत्यापन
- 28 अभियुक्तों का भौतिक सत्यापन
- 147 भवन स्वामियों के खिलाफ कार्रवाई
- ₹14.70 लाख का जुर्माना
- 23 व्यक्तियों से पूछताछ..























