
जल संस्थान को दिए निस्तारण के सख्त निर्देश:DM दून
देहरादून :ग्रामसभा रायवाला में ग्रामीण उपभोक्ताओं को भेजे जा रहे भारी-भरकम पेयजल बिलों के मामले में जिलाधिकारी देहरादून ने जांच बैठा दी है। मंगलवार को ग्राम प्रधान सागर गिरी के नेतृत्व में ग्राम सभा की कोर कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर पूरे मामले की तथ्यात्मक जानकारी और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए और ग्रामीणों पर जबरन थोपे गए बिलों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि ग्रामसभा रायवाला ग्रामीण क्षेत्र में आता है। यहां न तो नगर पालिका है, न नगर पंचायत और न ही कोई नगरीय क्षेत्र है। इसके बावजूद ग्रामीणों पर अर्धनगरीय पेयजल योजना के टैरिफ के अनुरूप भारी-भरकम बिल लगाए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण लंबे समय से परेशान हैं।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को बताया कि इस संबंध में ग्राम पंचायत और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा कई बार जल संस्थान के अधिकारियों के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को दस्तावेज उपलब्ध कराते हुए बताया कि ग्रामसभा रायवाला का स्वरूप ग्रामीण क्षेत्र का है और यहां नगरीय क्षेत्र के अनुरूप पेयजल बिलिंग किए जाने से ग्रामीणों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने ग्राम सभा रायवाला प्रतिनिधि मंडल से विस्तृत जानकारी लेते हुए उनके सम्मुख ही जल संस्थान एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों से फोन पर वार्ता की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत का शीघ्र निस्तारण करने और गलत अथवा अधिक बिलों की समस्या का तत्काल समाधान करने को कहा। प्रतिनिधिमंडल को जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जल संस्थान के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि जब तक मामले का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक ग्रामीणों को बिल जमा करने के लिए परेशान न किया जाए।
प्रतिनिधि मंडल में प्रधान सागर गिरि, उप प्रधान गौरव चौहान, कोर कमेटी के सचिव प्रकाश पांडेय, प्रवक्ता वीरेन्द्र नौटियाल, गणेश कंसवाल, नागेंद्र चौहान, कैलाश जी, हीरा सिंह, नीरज सिंह आदि सदस्य शामिल थे।









