
नेपाल में अंडरग्राउंड की फिराक में था आरोपी! ..उत्तराखंड/यूपी के विभिन्न थानों में हत्या, जानलेवा हमला, बलवा और गैंगस्टर एक्ट सहित कुल 44 आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी..
देहरादू: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य की शिकायत से जुड़े बहुचर्चित मामले में देहरादून पुलिस की एसआईटी को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में फरार चल है मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू और उसके भतीजे सतेन्द्र राठौर को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी को उत्तर प्रदेश के झांसी से गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके भतीजे को बरेली स्थित जोगी नवादा से पकड़ा गया। आरोपी के नेपाल भागने की फिराक में होने की जानकारी भी सामने आई है।

क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2026 को रेखा आर्य ने देहरादून के कैंट कोतवाली में गिरधारी लाल साहू के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पूर्व में विवाहित होने के बावजूद आरोपी ने उनसे विवाह किया। इसके बाद उनके साथ गाली-गलौच, मारपीट, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए….शिकायत में यह भी आरोप था कि उनके फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उन्हें चार कंपनियों के निदेशक पद से हटाया गया और उनकी जगह आरोपी के भतीजे सतेन्द्र राठौर को निदेशक बना दिया गया।
चार कंपनियों में फर्जीवाड़े का आरोप
एसआईटी की विवेचना में सामने आए तथ्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने चार कंपनियों में कथित दस्तावेजी हेराफेरी की जांच की। इनमें शामिल हैं—
- देवों के देव महादेव
- बनखंडी रुद्राक्ष धाम
- श्री अम्बे ऑटो डीलर्स प्राइवेट लिमिटेड
- श्री बनखंडी धाम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड
पुलिस के अनुसार, इन कंपनियों में रेखा आर्य के फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर उन्हें निदेशक पद से हटाने तथा सतेन्द्र राठौर को निदेशक बनाए जाने के तथ्य विवेचना में प्रकाश में आए। इसके बाद सतेन्द्र राठौर का नाम भी मुकदमे में शामिल किया गया।
44 मुकदमों का भी रिकॉर्ड आया सामने
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू के खिलाफ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा और गैंगस्टर एक्ट सहित कुल 44 आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के पर्यवेक्षण में नौ सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। जांच के दौरान पुलिस ने ऑडियो क्लिप कब्जे में लीं और विभिन्न गवाहों के बयान दर्ज किए। आरोपियों की तलाश में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में पुलिस टीमें भेजी गई थीं। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से आखिरकार 6 नवंबर को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
अब एसआईटी करेगी आगे की पूछताछ
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है—
- गिरधारी लाल साहू (61 वर्ष) पुत्र रामस्वरूप, निवासी बनखंडी नाथ मंदिर, बरेली।
- सतेन्द्र राठौर (40 वर्ष) पुत्र हरिप्रसाद, निवासी जोगी नवादा, बरेली।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों से एसआईटी गहन पूछताछ कर रही है। मामले में फर्जी हस्ताक्षर, दस्तावेजों की कूटरचना, कंपनियों के निदेशक पद में कथित हेरफेर और अन्य आरोपों से जुड़े तथ्यों की जांच जारी है।
पुलिस टीम की भूमिका
इस कार्रवाई में एसआईटी प्रभारी एवं पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती जया बलूनी, विवेचक क्षेत्राधिकारी सहसपुर अनुज कुमार सहित एसओजी और देहरादून पुलिस की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फिलहाल इस मामले में दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच ने नया मोड़ ले लिया है। अब एसआईटी की पूछताछ और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर पूरे प्रकरण की आगे की तस्वीर साफ होगी।
बता दें कि इस मामले में लगाए गए आरोप पुलिस जांच और शिकायत पर आधारित हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद ही होगी।











