
2003 की कथित घटना को लेकर महिला ने पुलिस मुख्यालय में भेजा प्रार्थना पत्र; 23 वर्षीय बेटे की पहचान का उठाया मुद्दा… SSP ने महिला CO वंदना वर्मा को सौंपी जांच।
देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को लेकर मामला चर्चा में आ गया है। वर्ष 2003 में दुष्कर्म किए जाने के आरोप लगाते हुए एक महिला ने पुलिस मुख्यालय को प्रार्थना पत्र भेजकर मामले में कानूनी कार्रवाई और अपने 23 वर्षीय बेटे का DNA टेस्ट कराने की मांग की है। शिकायत देहरादून पुलिस को प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस मीडिया सेल की ओर से 7 नवंबर 2026 को जारी प्रेस नोट के मुताबिक, वादिनी इंदिरा डेंजी (जैनी) ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि वर्ष 2003 में पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने उनके साथ दुष्कर्म किया था। महिला का दावा है कि इस घटना के परिणामस्वरूप उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया।
शिकायत में महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के समय संबंधित व्यक्ति ने अपनी राजनीतिक पहुंच और तत्कालीन सरकार में प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए मामले में कार्रवाई नहीं होने दी।
महिला ने अपने प्रार्थना पत्र में कहा है कि उनका 23 वर्षीय पुत्र आज अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा है। इसी के मद्देनजर उन्होंने पुत्र का DNA परीक्षण कराने और वर्ष 2003 में हुई कथित घटना के संबंध में विधि सम्मत कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है।
महिला CO को सौंपी गई जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने क्षेत्राधिकारी डोईवाला वंदना वर्मा को पूरे प्रकरण की जांच करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस के अनुसार, जांच के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि करीब 23 साल पुराने इस मामले में अब पुलिस जांच पर सबकी निगाहें टिकी हैं। आरोपों की सच्चाई, DNA परीक्षण और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल यह मामला महिला की ओर से लगाए गए आरोपों और पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।











