
‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ होगा पुलिस का नया ध्येय वाक्य, सेरेमोनियल वर्दी से लेकर इंसिग्निया तक बदला स्वरूप; भ्रष्टाचार की शिकायतों पर हेल्पलाइन 1064 की नियमित समीक्षा के निर्देश।
देहरादून: उत्तराखंड पुलिस के इतिहास में शनिवार को एक नया अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित सभागार में उत्तराखंड पुलिस के नवीन ध्वज, प्रतीक चिह्न, फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया, क्रेस्ट और सेरेमोनियल वर्दी का अनावरण किया। पुलिस की नई पहचान को राज्य की गौरवशाली परंपरा, शौर्य, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक बताया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ थीम पर आधारित सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का भी शुभारंभ किया।


इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को बधाई देते हुए कहा कि पुलिस के प्रतीकों और वर्दी में बदलाव केवल बाहरी स्वरूप का परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह पुलिस बल की गौरवशाली परंपराओं और जिम्मेदारियों को और मजबूत करने का संकल्प है। पुलिस की नई पहचान तभी सार्थक होगी, जब प्रत्येक नागरिक को पुलिस के व्यवहार में संवेदनशीलता, कार्यप्रणाली में दक्षता और कार्रवाई में निष्पक्षता दिखाई देगी।
‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ होगा उत्तराखंड पुलिस का नया ध्येय वाक्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस का नवीन ध्येय वाक्य ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ कर्तव्यनिष्ठा, सत्यनिष्ठा और साहस का संदेश देता है। प्रत्येक पुलिस अधिकारी और जवान को इन आदर्शों को अपने आचरण और कार्यशैली में उतारना होगा। उन्होंने कहा कि वर्दी का सम्मान आचरण से और जनता का विश्वास सेवा से मजबूत होता है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्मार्ट पुलिसिंग की परिकल्पना को साकार किया जा रहा है। राज्य सरकार भी उत्तराखंड पुलिस को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित, अधिक प्रशिक्षित, दक्ष और सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
भ्रष्टाचार की शिकायतों पर 1064 हेल्पलाइन की होगी नियमित समीक्षा
सतर्कता जागरूकता सप्ताह का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया। उन्होंने कहा कि विकास का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब सरकारी संसाधनों का सही उपयोग हो और आम जनता को बिना किसी परेशानी के सरकारी सेवाओं का लाभ मिले।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की तर्ज पर भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों के लिए संचालित हेल्पलाइन नंबर 1064 की भी नियमित समीक्षा की जाए। शिकायत दर्ज कराने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी जाए और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।उन्होंने प्रदेशवासियों से भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाने और किसी भी प्रकार की शिकायत हेल्पलाइन 1064 पर दर्ज कराने की अपील की। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि कार्यालयों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात संवेदनशीलता से सुनें और उसके कार्यों का समयबद्ध निस्तारण करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्रवाई के साथ-साथ व्यवस्था की उन खामियों को भी दूर करना जरूरी है, जिनकी वजह से भ्रष्टाचार की संभावनाएं पैदा होती हैं। प्रदेश में ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, जहां प्रत्येक नागरिक को सम्मान मिले और शासन-प्रशासन पर जनता का विश्वास लगातार मजबूत हो।
6 नवंबर को उत्तराखंड पुलिस को मिलेगा राष्ट्रपति पुलिस कलर
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लिए इसे गौरव का विषय बताते हुए कहा कि आगामी 6 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ से अलंकृत करेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तराखंड पुलिस के जवान अपनी नवीन सेरेमोनियल वर्दी में परेड में प्रतिभाग करेंगे।उन्होंने विश्वास जताया कि नई पहचान के साथ उत्तराखंड पुलिस जनसेवा, अनुशासन, दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के नए मानक स्थापित करेगी।
ऐसा दिखेगा उत्तराखंड पुलिस का नया गौरव चिह्न
उत्तराखंड पुलिस के नए प्रतीक चिह्न में अशोक स्तंभ, ‘सत्यमेव जयते’, स्वर्णिम लॉरेल रीथ, हिमालय और नदी को शामिल किया गया है। ये प्रतीक राष्ट्रीय गौरव, सत्य, न्याय, उत्कृष्टता और उत्तराखंड की विशिष्ट भौगोलिक पहचान को दर्शाते हैं।
पुलिस के पुराने तीन रंगों वाले क्षैतिज ध्वज के स्थान पर अब गहरे नीले रंग की पृष्ठभूमि वाला नया ध्वज अपनाया गया है। इसके मध्य में नया पुलिस प्रतीक चिह्न तथा किनारों पर लाल और स्वर्णिम रंग की पट्टियां होंगी।
वही इसके अलावा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की वर्दी पर लगने वाले फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया और क्रेस्ट को भी नए प्रतीक चिह्न के अनुरूप तैयार किया गया है। पारंपरिक खाकी वर्दी में बहुरंगी सेरेमोनियल सैश, अलंकरण और परेड से जुड़ी विशेष साज-सज्जा को शामिल कर नया औपचारिक स्वरूप दिया गया है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड पुलिस के ध्वज का अनावरण इससे पहले 4 अप्रैल 2008 को हुआ था। बदलती चुनौतियों और पुलिस बल के बढ़ते दायित्वों को देखते हुए अब नए गौरव चिह्न और प्रतीक तैयार किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय के अनुसार मुख्यमंत्री ने 21 अक्टूबर 2026 को इस नए स्वरूप को अनुमोदन प्रदान किया था।
दो अधिकारियों को पदोन्नति पर किया सम्मानित
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में प्रोन्नत हुईं श्रीमती शाहजहां जावेद खान और श्री जगदीश चंद्र को प्रतीक चिह्न अलंकरण कर पदोन्नति की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई।
इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, महानिदेशक पी.वी.के. प्रसाद, महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन, सचिव दिलीप जावलकर, आर. राजेश कुमार, पंकज पांडेय, पुलिस महानिरीक्षक रिधिम अग्रवाल सहित शासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

















