
देहरादून:मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को देहरादून स्थित द टॉसब्रिज स्कूल के संस्कार दिवस एवं स्थापना दिवस समारोह में विद्यार्थियों को संस्कारों, अनुशासन और जीवन मूल्यों का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक और व्यावसायिक सफलता हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को एक अच्छा इंसान बनाना भी है। आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों का ज्ञान भी आवश्यक है।






मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन से प्रेरणा लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बड़े सपने देखने के साथ उन्हें साकार करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प जरूरी है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को डॉ. कलाम की आत्मकथा ‘विंग्स ऑफ फायर’ पढ़ने के लिए भी प्रेरित किया।
सीएम धामी ने कहा कि भारतीय संस्कृति ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना पर आधारित है। बड़ों का सम्मान, सभी के प्रति आदर, जरूरतमंदों की सहायता और समाज में सद्भाव बनाए रखना भारतीय संस्कारों की पहचान है। उन्होंने विद्यालय के ध्येय वाक्य ‘ज्ञानं भारः क्रियां बिना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि कर्म के बिना ज्ञान अधूरा है। ज्ञान की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब उसका उपयोग समाज और राष्ट्र के हित में किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और आधुनिक विज्ञान के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में विद्यार्थियों को नई तकनीकों और कौशल में दक्षता हासिल करने के साथ योग, ध्यान, अनुशासन और संस्कारों को भी जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक ज्ञान और भारतीय जीवन मूल्यों का समन्वय विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को मजबूत बनाएगा।
पांच साल में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की शिक्षा और रोजगार संबंधी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, कौशल और रचनात्मकता पर जोर दिया जा रहा है। सरकार युवाओं को नौकरी पाने के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से रोजगार देने वाला बनने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है।
भर्ती व्यवस्था का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल पर अंकुश लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराने और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मेहनत और ईमानदारी ही सफलता का आधार
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। मेहनत, ईमानदारी, अनुशासन और लगातार सीखने की इच्छा ही आगे बढ़ने का वास्तविक आधार हैं। असफलताओं से निराश होने के बजाय उनसे सीख लेकर आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए।
उन्होंने विश्वास जताया कि द टॉसब्रिज स्कूल के विद्यार्थी अपने ज्ञान, प्रतिभा और अच्छे संस्कारों के बल पर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ‘विकल्प रहित संकल्प’ को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस लक्ष्य में शिक्षित, संस्कारित, कुशल एवं आत्मनिर्भर युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन एवं प्रशासन से जुड़े पदाधिकारी, शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।











