चुनाव करीब आते ही प्रशासन को याद आई जनता की परेशानी! देहरादून में शुरू हुई ‘रात्रि चौपाल’, गांव पहुंचकर अधिकारी सुनेंगे शिकायतें…मालदेवता के थेवा गांव में पहली चौपाल, टूटी नहर-पुलिया, जर्जर स्कूल और जलभराव की शिकायतें सामने आईं; सवाल—क्या अब धरातल पर होगा समस्याओं का समाधान?

देहरादून: चुनाव नजदीक आते ही जनता की समस्याओं को लेकर प्रशासन की सक्रियता पर सवाल उठने लगे हैं। लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, सिंचाई, पेयजल और जर्जर स्कूल भवन जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के बीच अब जिला प्रशासन ने ‘रात्रि चौपाल’ की शुरुआत की है। दावा है कि इस पहल के जरिए अधिकारी गांवों में पहुंचकर जनता की शिकायतें सुनेंगे और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेंगे। लेकिन सवाल यही है कि जिन समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीण लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं, क्या अब उन्हें वास्तव में राहत मिल पाएगी?

देहरादून के विकासखंड रायपुर की ग्राम पंचायत थेवा, मालदेवता में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में पहली रात्रि चौपाल आयोजित की गई। यहां ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी समस्याएं रखीं। सिंचाई की क्षतिग्रस्त नहर, टूटी पुलिया, विद्यालय के जर्जर भवन, धान की फसल में रोग और खरपतवार से नुकसान, सड़क निर्माण के कारण जलभराव और विद्यालय में पेयजल की समस्या जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे।

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ग्रामीणों की शिकायतों पर मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग को क्षतिग्रस्त नहर एवं पुलिया की समस्या के समाधान के लिए कदम उठाने को कहा गया। कृषि विभाग को धान की फसल में रोग और खरपतवार से हो रहे नुकसान की जांच करने तथा नमूने पंतनगर भेजकर उचित तकनीकी सलाह उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

विद्यालय के जर्जर भवन को लेकर अधिकारियों ने बताया कि निर्माण के लिए डीपीआर तैयार की जा चुकी है और धनराशि मिलने की संभावना है। वहीं, सड़क निर्माण के कारण घर के पास जलभराव की समस्या पर संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से जल निकासी की व्यवस्था करने को कहा गया।

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चौपाल में विद्यालय की पेयजल समस्या पर भी कार्रवाई की गई। ग्राम प्रधान सरखेत की ओर से मामला उठाए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने मौके पर ही बजट स्वीकृत किया और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। पेयजल लाइन में रिसाव की शिकायत पर जल संस्थान को तत्काल निरीक्षण करने को कहा गया। मालदेवता स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण का प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी भी दी गई। इसके साथ ही स्वास्थ्य केंद्र में रेबीज के इंजेक्शन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए।

रात्रि चौपाल से पहले अधिकारियों ने आंगनबाड़ी केंद्र, राशन की दुकान और निर्माणाधीन पशु केंद्र का निरीक्षण भी किया। प्रशासन के अनुसार, इस पहल के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, कृषि, सड़क, रोजगार और ग्रामीण पर्यटन से जुड़े मुद्दों पर गांवों में सीधे संवाद किया जाएगा। जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से फीडबैक लेने और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर भी जोर रहेगा।

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हालांकि, सबसे बड़ा सवाल शिकायतें सुनने का नहीं, बल्कि उनके स्थायी समाधान का है। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए केवल निर्देश देना पर्याप्त नहीं होगा। जरूरत इस बात की है कि संबंधित विभाग तय समयसीमा में काम पूरा करें और ग्रामीणों को इसका लाभ मिले।

अब देखना होगा कि मालदेवता के थेवा गांव से शुरू हुई रात्रि चौपाल ग्रामीणों की समस्याओं के स्थायी समाधान का माध्यम बनती है या फिर यह पहल भी बैठकों और आश्वासनों तक सीमित रह जाती है।

परमजीत सिंह लाम्बा

संपादक - ख़बर सनसनी PH-7454913200,7906640014

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