
पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए 8 महत्वपूर्ण घोषणाएं..
देहरादून पुलिस लाइन में शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों को किया सम्मानित; पुलिस मॉडर्न स्कूलों का होगा सुधार, पुलिस अस्पताल का उच्चीकरण और जवानों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल-बैरक का निर्माण.
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को पुलिस लाइन, देहरादून में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को सम्मानित करते हुए पुलिस विभाग के सुदृढ़ीकरण और कार्मिकों के कल्याण के लिए आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पुलिस व्यवस्था को आधुनिक, सक्षम और जनहितकारी बनाने के साथ पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।




1,600 रिक्त पदों पर जल्द शुरू होगी भर्ती
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस की विभिन्न इकाइयों में करीब 1,600 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की घोषणा की। इसके साथ ही थानों और चौकियों में कार्मिकों की आवश्यकता के अनुसार पदों की संख्या एवं व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। विवेचकों को आधुनिक जांच किट उपलब्ध कराने और पुलिस मॉडर्न स्कूलों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का भी निर्णय लिया गया।
थानों के आवश्यक कार्यों के लिए वार्षिक बजट को ₹4 करोड़ से बढ़ाकर ₹8 करोड़ किया जाएगा। इसके अलावा देहरादून में पुलिसकर्मियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल और मल्टी स्टोरी बैरक का निर्माण कराया जाएगा। देहरादून स्थित पुलिस अस्पताल का उच्चीकरण भी किया जाएगा।
शहीद जवानों का बलिदान देश का गौरव
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की खाकी वर्दी साहस, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का प्रतीक है। पुलिसकर्मी त्योहारों पर भी अपने परिवारों से दूर रहकर जनता की सुरक्षा में जुटे रहते हैं। उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के बीच पुलिस की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।




उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में देशभर में 154 जवानों ने कर्तव्य पालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। इनमें उत्तराखण्ड पुलिस के उपनिरीक्षक स्वर्गीय विनोद कुमार भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद जवानों का त्याग और साहस पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।
नशे और साइबर अपराध पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा और साइबर अपराध वर्तमान समय की गंभीर चुनौतियां हैं। नशे की रोकथाम के लिए प्रदेश में त्रिस्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित की गई है और नशा तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल के दौर में पुलिस को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय के जरिए साइबर अपराधियों से आगे रहना होगा। करीब ₹32 करोड़ की लागत से स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर का निर्माण भी गतिमान है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क के अंतर्गत क्विक रिस्पॉन्स टीम गठित की गई है।
5 करोड़ कांवड़ यात्रियों और चारधाम श्रद्धालुओं की सुरक्षा में पुलिस की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने इस वर्ष लगभग 5 करोड़ कांवड़ यात्रियों तथा चारधाम यात्रा में अब तक 60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने में उत्तराखण्ड पुलिस के योगदान की सराहना की। उन्होंने बताया कि उत्कृष्ट सेवाओं के लिए इस वर्ष 319 पुलिसकर्मियों को विभिन्न पदकों एवं सम्मान चिह्नों से अलंकृत किया गया है। उत्तराखण्ड पुलिस का प्रतिष्ठित ‘प्रेसिडेंट्स पुलिस कलर्स’ के लिए नामित होना भी प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
785 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति, भर्ती और कल्याण पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस आवास संतुष्टि दर 18 प्रतिशत से बढ़कर 22 प्रतिशत हो गई है, जिसे 30 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस वर्ष 785 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दी गई। नागरिक पुलिस में 1,573 और पीएसी में 370 आरक्षियों की सीधी भर्ती हुई है। उपनिरीक्षक, प्लाटून कमांडर एवं अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के 222 पदों की भर्ती प्रक्रिया भी पूरी की गई है। मृतक पुलिसकर्मियों के 24 आश्रितों को नियुक्तियां दी गई हैं।
इस वित्तीय वर्ष में थानों, अग्निशमन केंद्रों, बैरकों, मैस और अन्य कार्यस्थलों के लिए ₹58 करोड़ से अधिक की धनराशि जारी की गई है। पुलिसकर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने जवानों के मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन के लिए नियमित कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया।
शहीद परिवारों और पुलिसकर्मियों के बच्चों को आर्थिक सहायता
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने बताया कि राज्य गठन से अब तक उत्तराखण्ड पुलिस के 206 कार्मिक कर्तव्य पालन के दौरान अपने प्राण न्योछावर कर चुके हैं। इस वर्ष पुलिस शहीद कोष से आश्रित परिवारों को लगभग ₹50 लाख की सहायता दी गई, जबकि पुलिस सैलरी पैकेज के अंतर्गत अब तक करीब ₹31 करोड़ की अनुग्रह राशि प्रदान की गई है।
इसके अलावा जीवन रक्षक निधि से इस वर्ष 25 कार्मिकों को ₹1.16 करोड़ की सहायता दी गई और 446 मेधावी बच्चों को ₹34 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। एम्स ऋषिकेश में चौबीसों घंटे संचालित पुलिस हेल्प डेस्क भी स्थापित की जा रही है।
कार्यक्रम में हरिद्वार सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी, सचिव गृह शैलेश बगोली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान सहित कई जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहें..
मुख्य संदेश: शहीदों के बलिदान को नमन करते हुए धामी सरकार ने पुलिस भर्ती, बजट वृद्धि, आधुनिक जांच व्यवस्था, बेहतर आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं के जरिए उत्तराखण्ड पुलिस को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड पुलिस के सुदृढ़ीकरण और पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए 8 महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। ये घोषणाएं क्रमवार इस प्रकार हैं:
- करीब 1,600 पदों पर भर्ती: उत्तराखण्ड पुलिस की विभिन्न इकाइयों में रिक्त पड़े लगभग 1,600 पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- थानों और चौकियों में पदों की समीक्षा: कार्मिकों की आवश्यकता के अनुसार थानों एवं चौकियों में पदों की संख्या और व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी।
- विवेचकों को आधुनिक जांच किट: पुलिस विवेचकों को जांच कार्य में सुविधा और दक्षता बढ़ाने के लिए आधुनिक जांच किट उपलब्ध कराई जाएंगी।
- थानों का वार्षिक बजट दोगुना: थानों के आवश्यक कार्यों के लिए वार्षिक बजट ₹4 करोड़ से बढ़ाकर ₹8 करोड़ किया जाएगा।
5-पुलिस मॉडर्न स्कूलों का सुधार: प्रदेश के सभी पुलिस मॉडर्न स्कूलों को बेहतर बनाया जाएगा, ताकि पुलिसकर्मियों के बच्चों को अच्छी शैक्षिक सुविधाएं मिल सकें।
- ट्रांजिट हॉस्टल और मल्टी स्टोरी बैरक का निर्माण: देहरादून में पुलिसकर्मियों की आवासीय सुविधा के लिए ट्रांजिट हॉस्टल और बहुमंजिला बैरक बनाए जाएंगे।
- पुलिस अस्पताल का उच्चीकरण: देहरादून स्थित पुलिस अस्पताल को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिए उसका उच्चीकरण किया जाएगा।
- पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण पर जोर: पुलिसकर्मियों एवं उनके परिजनों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कल्याणकारी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाएगा।













