ध्वस्तीकरण: रामनगर रिजर्व फॉरेस्ट में बना दी बड़ी धार्मिक संरचना…धामी सरकार के बुलडोजर ने नोटिस देकर किया ध्वस्त..

देहरादून/रामनगर : नैनीताल जिले में रामनगर कोसी नदी किनारे रिजर्व फॉरेस्ट की जमीन पर कब्जा कर बड़ी धार्मिक संरचना (मस्जिद)बनाने का मामला समाने आया हैं. हालाँकि तीन दिन पहले हुई धामी सरकार की कार्रवाई में उक्त मस्जिद को भी ध्वस्त कर दिया. जानकारी के अनुसार इस कार्यवाही से पहले वन विभाग ने  पूर्व में उक्त धार्मिक संरचना को हटाए जाने का नोटिस जारी किया था.

ऐसा बताया जा रहा हैं क़ि,कोसी नदी किनारे रिजर्व फॉरेस्ट की जमीन को कब्जाने और वहां पुछड़ी बस्ती बनाने में विशेष समुदाय से आने वाले एक पत्रकार सहित तीन व्यक्तियों और इनके राजनीतिज्ञ आकाओं के नाम सामने आए और वीडियो भी वायरल हुए.ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वयं अवैध कब्जा करने वालों से बाते करते हुए वीडियो रिकार्डिंग की,जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे और कितने पैसों में हमने किस-किस से जमीन खरीदी.

यह भी पढ़ें 👉  निस्तारण: देहरादून में एक ही दिन में राष्ट्रीय लोक अदालत में 12675 केसों का हुआ निस्तारण..

वन विभाग ने पुछड़ी बस्ती में करीब 64 एकड़ भूमि पहले चरण में खाली करवाई है, जबकि अगले चरण में लगभग 100 एकड़ वन भूमि खाली करवाई जानी है.धामी सरकार ने अपनी जांच कार्यवाही के दौरान ये भी पाया कि झोपड़ियों में रहने वाले लोगों ने कैसे हाई कोर्ट में याचिकाएं दायर की,और इसका खर्च  कौन कौन उठा रहा था ? वेस्टर्न सर्कल के मुख्य वन संरक्षक डॉ साकेत बडोला ने बताया कि  वन विभाग हाई कोर्ट में इन अवैध कब्जेदारों के खिलाफ विधिक कार्रवाई में भी तेजी लाने के लिए उच्च स्तरीय बैठक कर चुका है। दरअसल यहां घुसपैठियों को बाहरी राज्यों से लाकर उन्हें बसाने उनसे पैसा लेकर सरकारी जमीन पर कब्जा कराने का षडयंत्र यहां पिछले कुछ सालों से लगातार चल रहा था.

यह भी पढ़ें 👉  STF का शिकंजा- 78 लाख की स्मैक के साथ ड्रग्स तस्कर को ANTF ने दबोचा….इस वर्ष अब तक 41 ड्रग्स तस्कर गिरफ्तार कर 15 करोड़ की ड्रग्स बरामद: STF

इस मामले की धामी सरकार ने एसआईटी जांच भी करवाई थी। धामी सरकार का ये मानना भी है कि यहां फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लोगों को कब्जे करवाए  गए और अब यहां डेमोग्राफी चेंज की समस्या ने सिर उठा लिया.कोसी नदी किनारे रिजर्व फॉरेस्ट की भूमि पर कब्जा कर योजनाबद्ध तरीके से छोटा मंदिर, मजारे, मदरसे और एक बड़ी  मस्जिद भी बना दी गई. 07 दिसंबर की सुबह भारी फोर्स लेकर वन विभाग ने पहले चरण की कार्रवाही करते हुए उक्त धार्मिक संरचनाएं भी साफ कर दी.जानकारी के मुताबिक दो हजार वर्ग फुट से अधिक सरकारी वन आरक्षित भूमि पर अवैध रूप से  बड़ी मस्जिद बना दी गई जिसे भी ध्वस्त कर दिया गया..

यह भी पढ़ें 👉  विकास: टनकपुर को मिली 36.30 करोड़ की विकास सौगात.मुख्यमंत्री धामी ने किया 15 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास..

डीएफओ प्रकाश आर्य ने बताया कि वन विभाग के आरक्षित क्षेत्र की भूमि को खाली करवाया जा रहा है। किसी भी प्रकार का कोई अतिक्रमण वन आरक्षित क्षेत्र में नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि हमने नोटिस जारी किए है कि अतिक्रमण करने वाले स्वयं ही अवैध कब्जा छोड़ दे,अन्यथा वन विभाग और प्रशासन ये कार्यवाही अवश्य करेगा.. वन विभाग ने फिलहाल मुक्त करवाई गई आरक्षित वन भूमि को तारबाड़ से सुरक्षित करने का काम शुरू करवा दिया है..

परमजीत सिंह लाम्बा

संपादक - ख़बर सनसनी PH-7454913200,7906640014

सम्बंधित खबरें