
PMGSY के तहत 610 बसावटों को सड़क संपर्क से जोड़ने का लक्ष्य, केंद्रीय मंत्री ने प्रस्तावों पर जल्द स्वीकृति की दिशा में कार्रवाई का दिया आश्वासन
नई दिल्ली: उत्तराखंड में ग्रामीण सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने और दूरस्थ क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्राम्य विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत प्रदेश में प्रस्तावित सड़कों के निर्माण और उनकी स्वीकृति को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।



मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि उत्तराखंड में ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए 315 सड़कों के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे गए हैं। इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलने पर प्रदेश की 610 बसावटों को सड़क संपर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे विशेष रूप से पर्वतीय, सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क का विस्तार बेहद महत्वपूर्ण है। सड़क संपर्क बेहतर होने से ग्रामीण आबादी को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में आसानी होगी। इसके साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और दूरस्थ क्षेत्रों के विकास को भी गति मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री ने दिया जल्द कार्रवाई का आश्वासन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री से सड़क निर्माण के प्रस्तावों को जल्द से जल्द स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। इस पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आश्वस्त किया कि उत्तराखंड की ओर से प्रस्तुत प्रस्तावों पर जल्द स्वीकृति की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों का निर्माण इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अब प्रस्तावों की मंजूरी पर नजर
उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में सड़क संपर्क को बेहतर बनाना है। अब 315 प्रस्तावित सड़कों की स्वीकृति को लेकर केंद्र सरकार की आगामी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलने से प्रदेश की 610 बसावटों को सड़क सुविधा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम आगे बढ़ सकता है।











