उत्तराखंड STF की साइबर पुलिस क़ो मिली सफलता.. कारोबारी का मोबाइल हैक करके ₹25 लाख ठगने वाले अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरोह के दो सदस्य पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार..


गिरफ्तार अभियुक्तों द्वारा विभिन्न व्यक्तियों के बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड, सिम कार्ड एवं बैंकिंग विवरण साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए जाते थे..
अभियुक्तों के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 13 डेबिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक, बैंक खाता खोलने के फॉर्म, सिम कार्ड एवं 03 मोबाइल फोन बरामद.
अभियुक्तों के खातों के माध्यम से साइबर ठगी की रकम के ट्रांजेक्शन तथा संगठित साइबर अपराध में उनकी सक्रिय भूमिका के साक्ष्य प्राप्त हुए..

देहरादून: एक कंपनी कारोबारी के बैंक खाते से करीब 25 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल से अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी साइबर अपराधियों को बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और बैंकिंग से जुड़ी अन्य जानकारियां एकत्र कर साइबर ठगी की घटना को अंजाम देते थे.घटना देहरादून की है जहां के निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात साइबर ठगों ने उसका मोबाइल फोन हैक कर ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर बदल दिए। इसके बाद ठगों ने उसकी कंपनी के बैंक खाते से करीब 24.95 लाख रुपए की धोखाधड़ी कर ली जिसकी शिकायत पीड़ित ने देहरादून साइबर थाना पुलिस को की थी जिसके आधार पर साइबर क्राइम पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में बाहरी लोगों के फर्जी स्थानीय दस्तावेज बनाने वाले जन सेवा केन्द्र का STF ने किया पर्दाफाश ..फर्जी स्थानीय आईडी के जरिये सिडकुल में सैकडों नौकरियां प्राप्त करने का गोरखधंधा..

मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल हुए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जानकारी जुटाई और आरोपियों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया। इसके बाद जांच कर रही टीम ने बैंकों, टेलीकॉम कंपनियों और अन्य संबंधित संस्थाओं से मिले डेटा के विश्लेषण के बाद एक पुलिस टीम को पश्चिम बंगाल भेजा गया जहां ठगी में शामिल रानाघाट क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

यह भी पढ़ें 👉  अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति फर्जीवाड़े पर SIT की जांच शुरू..पहली बैठक में बनी कार्रवाई योजना..घोटाले की परिधि में आये 5 जिलों के अधिकारियों से 3 दिन में रिपोर्ट तलब..

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के रहने वाले तपन बिस्वास (45) और उत्तम कुमार दास (38) के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया कि वे दूसरे देशों में साइबर ठगों को बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड उपलब्ध कराते थे तथा इसके बदले आर्थिक लाभ प्राप्त करते थे। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कई लोगों के बैंक खाते खुलवा कर उनके एटीएम कार्ड और बैंकिंग डिटेल्स साइबर अपराधियों तक पहुंचाते थे।

यह भी पढ़ें 👉  नेक काम : उत्तराखण्ड पुलिस महानिदेशक के निर्देशानुसार एक बार फिर "ऑपरेशन स्माइल अभियान".. गुमशुदा बच्चों,महिलाओं व पुरूषों की तलाश एवं पुनर्वास का प्रदेशभर में 01 सितंबर 2023 से 31 अक्टूबर 2023 तक का विशेष अभियान..15 दिनों में 568 गुमशुदा बरामद..

पुलिस जांच में पता चला कि तपन बिस्वास साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए संदिग्ध बैंक खातों के संचालन में अहम भूमिका निभा रहा था जबकि उत्तम कुमार दास के खाते में ठगी गई रकम की दूसरी लेयर में ट्रांसफर होने के सबूत मिले हैं। पुलिस की माने तो दोनों आरोपी संगठित साइबर अपराध गिरोह के लिए काम कर रहे थे और इनके पास से अलग-अलग बैंकों के 13 डेबिट कार्ड, तीन मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, ब्लैंक चेक, बैंक खाता खोलने के फॉर्म और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

परमजीत सिंह लाम्बा

संपादक - ख़बर सनसनी PH-7454913200,7906640014

सम्बंधित खबरें