
उत्तराखण्ड STF द्वारा फर्जी शस्त्र लाइसेंस सिंडिकेट की जांच में ऐसा बड़ा खुलासा होने से पूरे प्रकरण को राष्ट्रीय स्तर की जांच का विषय बना दिया..
फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारक स्वयं अपने शस्त्र एवं लाइसेंस सहित आत्मसमर्पण करें, अन्यथा कानून का शिकंजा उनके दरवाजे तक पहुंचेगा:STF, SSP
मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के निर्देश पर अवैध हथियारों एवं फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों के विरुद्ध उत्तराखण्ड एसटीएफ की लगातार बड़ी कार्रवाई ज़ारी..
फर्जी शस्त्र लाइसेंस सिंडिकेट पर फिर बड़ा प्रहार ऑपरेशन प्रहार के तहत 13वीं गिरफ्तारी..
देहरादून : फर्जी शस्त्र लाइसेंस के विरुद्ध उत्तराखंड एसटीएफ की युद्धस्तर पर कार्रवाई जारी है. इसी क्रम में अब तक़ का देश में सबसे बड़ा खुलासा करते हुऎ एसटीएफ ने एक ही फर्जी आर्म्स लाइसेंस (कूट रचित दस्तावेज) पर बने लाइसेंस में दो हथियार खरीदने वाले अभियुक्त को उधम सिंह नगर जनपद (काशीपुर)से गिरफ्तार किया है. अभियुक्त के कब्जे से फर्जी लाइसेंस के आधार पर खरीदी गई 01 सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल (.30 बोर), 01 राइफल (.315 बोर),04 जिंदा कारतूस (.30 बोर) और 04 जिंदा कारतूस (.315 बोर)के बरामद किए गए हैं.

बता दें की पिछले दो माह के दरम्यान ऑपरेशन प्रहार के तहत उत्तराखंड STF द्वारा फर्जी शस्त्र लाइसेंस के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए अब तक 13 अभियुक्त गिरफ्तार किये गये है. जबकि इस दौरान 19 अवैध शस्त्र, 358 कारतूस एवं बड़ी संख्या में फर्जी एवं संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस बरामद किये जा चुके है..
मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के निर्देश पर अवैध हथियारों एवं फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों के विरुद्ध उत्तराखण्ड एसटीएफ की लगातार बड़ी कार्रवाई ज़ारी है. STF एसएसपी अजय सिंह द्वारा स्पष्ट संदेश दिया गया है की फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारक स्वयं अपने शस्त्र एवं लाइसेंस सहित आत्मसमर्पण करें, अन्यथा कानून का शिकंजा उनके दरवाजे तक पहुंचेगा..
गिरफ्तार अभियुक्त
- पलविन्दर सिंह पुत्र स्व0 धर्मसिंह निवासी ग्राम कचनालगाजी, थाना काशीपुर, जनपद ऊधमसिंहनगर, उम्र 46 वर्ष.
बरामदगी
- 01 सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल (.30 बोर)
- 04 जिंदा कारतूस (.30 बोर)
- 01 राइफल (.315 बोर)
- 04 जिंदा कारतूस (.315 बोर)
एसटीएफ टीम









