उपलब्धि: उत्तराखंड बना देश का छठवां पूर्ण साक्षर राज्य, CM धामी बोले—हर प्रदेशवासी के लिए गौरव की उपलब्धि..

मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम के बाद उत्तराखंड ने हासिल किया पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा..

CM धामी बोले—पूर्ण साक्षरता मंजिल नहीं, अब डिजिटल-फाइनेंशियल साक्षरता और जीवन कौशल की दिशा में नई शुरुआत..

देहरादून: उत्तराखंड ने देश के छठवां पूर्ण साक्षर राज्य बनने की महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई दी और राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने वाले नव-साक्षरों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि शिक्षकों, विद्यार्थियों, नव-साक्षरों, स्वयंसेवकों और अभियान से जुड़े सभी लोगों की मेहनत एवं सामूहिक सहभागिता का परिणाम है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों और दूरस्थ क्षेत्रों वाले उत्तराखंड में पूर्ण साक्षरता का लक्ष्य हासिल करना प्रदेश की सामूहिक शक्ति का प्रमाण है।

यह भी पढ़ें 👉  UKSSSC 2021 पेपर लीक प्रकरण,184 नकलचियों की सूची जारी.

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड ने यह उपलब्धि हासिल की है। मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम के बाद उत्तराखंड देश का छठवां पूर्ण साक्षर राज्य बना है।CM धामी ने नव-साक्षरों को बधाई देते हुए कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। साक्षरता अब केवल पढ़ने-लिखने या हस्ताक्षर करने तक सीमित नहीं है। अधिकारों और कर्तव्यों की समझ, डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता तथा जीवनोपयोगी कौशल भी आज साक्षरता के महत्वपूर्ण अंग हैं।

यह भी पढ़ें 👉  हरिद्वार जनपद से सेवा संपन्न होते हुए भी सुपर कॉप IPS अजय सिंह की रणनीति से माफियाओं के सपने चकनाचूर..गैंगस्टर राजा उर्फ इरफान की सम्पत्ति होगी कुर्क..

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ण साक्षरता को मंजिल नहीं, बल्कि नई शुरुआत के रूप में देखा जाना चाहिए। अब डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, स्वास्थ्य जागरूकता और जीवन कौशल को प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।उन्होंने बताया कि राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लासरूम और सेंट्रल स्टूडियो की व्यवस्था की जा रही है, जबकि 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री बालाश्रय योजना के माध्यम से अनाथ बच्चों की निःशुल्क शिक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

यह भी पढ़ें 👉  पुलिस प्रमोशन: उत्तराखंड पुलिस विभाग के 32 दरोगा प्रमोशन पाकर इंस्पेक्टर बनें…

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि पूर्ण साक्षरता अभियान को सफल बनाने में करीब 25 हजार स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने बताया कि अब अगले छह माह में राज्य को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।इस कार्यक्रम में विधायक सविता कपूर, अपर सचिव भारत सरकार अर्चना शर्मा अवस्थी, सचिव शिक्षा ज्योति यादव, अपर सचिव नमामि बंसल सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहें.

परमजीत सिंह लाम्बा

संपादक - ख़बर सनसनी PH-7454913200,7906640014

सम्बंधित खबरें