
नवरात्र से पहले कुट्टू के आटे को लेकर भी व्यापारियों को सख्त निर्देश..
देहरादून: आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड विनय शंकर पांडेय के आदेश तथा जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने खाद्य कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम क्षेत्र देहरादून रमेश सिंह ने सात खाद्य कारोबारकर्ताओं के विरुद्ध न्याय निर्णायक अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के न्यायालय में वाद दायर किए हैं।इनमें बिना वैध लाइसेंस/पंजीकरण खाद्य कारोबार करने और मिथ्या सूचना देने के मामलों में आजाद कॉलोनी के मो. सरफराज, चंदर नगर के मो. तस्मीन, चूना भट्टा के दूध विक्रेता शमून अली, टर्नर रोड स्थित सम्बरू रेस्टोरेंट और इटेलियन स्लाइस के खिलाफ कार्रवाई की गई। वहीं अधोमानक पेड़ा बेचने के मामले में जीएमएस रोड स्थित ब्रजवासी स्वीट तथा अधोमानक पनीर बेचने के मामले में हनुमान चौक स्थित अंबिका डेयरी के खिलाफ भी वाद दायर किया गया।
वही नवरात्र से पहले कुट्टू के आटे पर विभाग की नजर
11 अक्टूबर से शुरू होने वाले शारदीय नवरात्र को देखते हुए खाद्य विभाग ने व्रत में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर भी तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में आढ़त बाजार में प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल समिति उत्तराखंड देहरादून के पदाधिकारियों और खाद्य कारोबारियों के साथ बैठक कर कुट्टू के आटे की गुणवत्ता को लेकर जागरूक किया गया।
विभाग ने निर्माता, वितरक और थोक विक्रेताओं को निर्देश दिए कि बिना वैध खाद्य लाइसेंस के कुट्टू का आटा न बेचें। एक्सपायरी, कीड़ा लगा, फंगसयुक्त या पुराना कुट्टू का आटा न तो बेचें और न ही स्टॉक करें।
पैक्ड कुट्टू का आटा बेचने से पहले बैच नंबर, उत्पादन तिथि, एक्सपायरी तिथि और खाद्य लाइसेंस नंबर की जांच करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना ने बताया कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए विभाग की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। शिकायत या खाद्य सुरक्षा संबंधी जानकारी के लिए विभाग के टोल-फ्री नंबर 18001804246 पर संपर्क किया जा सकता है।












