
देहरादून पुलिस व प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी भ्रामक या असत्यापित खबर पर ध्यान न दें,और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें..
देहरादून :प्रेमनगर क्षेत्र अंतर्गत ‘नंदा की चौकी’ के समीप पुलिया क्षतिग्रस्त होने या टूटने की चल रही खबरें पूरी तरह निराधार और अफवाह साबित हुई हैं। इस बात क़ी पुष्टि जिला प्रशासन द्वारा मौके पर निरीक्षण के बाद जारी की गई है. मॉनसून भारी बरसात के कारण पुल क्षतिग्रस्त सूचना मिलते ही मंगलवार सुबह मौके पर प्रेमनगर पुलिस एवं प्रशासनिक टीम ने गहनता से निरीक्षण किया. इसके उपरांत इस बात क़ी पुष्टि की गईं कि पुलिया का मूल ढांचा पूरी तरह सुरक्षित है,और इसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.. वही जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने तकनीकी इंजीनियरों की टीम के साथ स्वयं इसका मौक़े पर निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने 03 घंटे में सड़क को सुचारू करने के संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए है।
मूसलाधार बारिश से कटी सड़क के नीचे की मिट्टी
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में हो रही लगातार भारी बारिश के कारण पुलिया से जुड़ी एप्रोच रोड (संपर्क मार्ग) के नीचे की मिट्टी बह गई। इसके परिणामस्वरूप सड़क का एक हिस्सा धंस गया, जिससे सुरक्षा के दृष्टिकोण से यातायात प्रभावित हुआ है। सड़क के इस हिस्से को देखकर स्थानीय स्तर पर पुलिया ढहने की भ्रामक खबर फैल गई थी, जिसे पुलिस ने जांच के बाद पूरी तरह खारिज कर दिया।
युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य जारी, जल्द बहाल होगा आवागमन
घटनास्थल पर संबंधित कार्यदायी संस्था के तकनीकी कर्मी एवं पुलिस-प्रशासनिक अमला मुस्तैद है। क्षतिग्रस्त एप्रोच रोड की मरम्मत का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा मानकों को पूरा करते हुए अतिशीघ्र मार्ग को ठीक कर दिया जाएगा, जिसके बाद इसे आमजन और वाहनों के आवागमन के लिए पुनः खोल दिया जाएगा।
देहरादून पुलिस व प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी भ्रामक या असत्यापित खबर पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
बता दें कि पिछली बरसात (2025)में नंदा की चौकी से पहले लॉ कॉलेज के पास टोंस नदी पर बना पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था.. लगभग 1 साल के अंतराल में इससे कुछ दिन पहले ही मरम्मत कर आवाज ही के लिए खोला गया था, लेकिन कुछ ही दिनों में मानसून की बारिश से ये पुल एक बार फिर क्षतिग्रस्त होने की सूचना से विभाग अधिकारियों में खलबली मच गई. पुल क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही मौके पर सोशल मीडिया से लेकर न्यूज़ चैनलों में खबरें दिखाई जाने लगी. इसके बाद विपक्षी पार्टी के कांग्रेस नेताओं द्वारा मौजूदा सरकार के विकास कार्य पर सवाल उठाते हुए इस पुल निर्माण कार्य को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने का आरोप लगाया.. लेकिन अब जिलाधिकारी और विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके पर निरीक्षण कर पुल का असल ढाँचा पूरी तरह से सुरक्षित होने का दावा किया है. साथ ही पुल के आसपास के क्षतिग्रस्त हिस्से को जल्द पूरी तरह से मरम्मत कर आवागमन के लिए सुचारु करने की बात कही है..









