
जनहित में हर वर्ग की शिकायतों का निस्तारण हो,यही प्रयास :DM, डॉ आशीष चौहान …..जनहित एवं नवाचार आधारित पहलों पर विशेष जोर..
लैंड शिकायतों पर कमी, GIS Mapping(जियोग्राफ़िक इनफार्मेशन सिस्टम मैपिंग) स्टार्ट होने के बाद बेहतर तरीके से निस्तारण होंगे:DM, दून
देहरादून : प्रत्येक सोमवार आयोजित होने वाले “समाधान दिवस”के क्रम में 27 जुलाई 2026 सोमवार को देहरादून जिलाधिकारी के समक्ष अलग-अलग तरह के 170 शिकायतें प्राप्त हुई.जनता से जुडी इन सभी शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी डॉक्टर आशीष चौहान द्वारा संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राकृतिक प्राथमिकता के आधार पर सभी शिकायतों का निस्तारण करने के सख्त निर्देश दिए गए. इसके साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सहित जनहित के सभी लंबित प्रकरणों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के भी अधिकारियों निर्देश दिए गये.. समाधान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी ने निष्प्रयोज्य एवं अनुपयोगी शासकीय वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यालय परिसरों को डेंगू मुक्त बनाए रखने के लिए नियमित साफ-सफाई, जलभराव की रोकथाम तथा कार्यालय परिसरों में स्थापित पानी की टंकियों की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करने को कहा..जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने कहा कि उनकी प्राथमिकता जनहित से जुड़ी सभी शिकायतों का संज्ञान लेकर उनके निस्तारण का प्रयास है..

जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी संचालन पर बल देते हुए सभी विभागों को कार्यालयी कार्यों में डिजिटल प्रणाली का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.इसके साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का समाधान निर्धारित समयसीमा में किया जाए तथा अनावश्यक लंबित मामलों में कमी लाई जाए।
सड़कों पर गड्ढों की समस्या का समीक्षा कर विभागों को शीघ्र मरम्मत के निर्देश..
सड़कों पर गड्ढों की समस्या की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को शीघ्र मरम्मत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण एवं ध्वस्तीकरण अपशिष्ट (Construction and Demolition Waste) को सड़कों पर न रखने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे स्थलों की पहचान कर तत्काल मलबा हटाया जाए।
जिलाधिकारी ने बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत ऐसे असुरक्षित स्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए, जहां दुर्घटना की आशंका हो। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) को अभिभावकों एवं विद्यालयों के लिए बच्चों की सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश तैयार कर व्यापक स्तर पर प्रसारित करने के निर्देश दिए।
समाधान दिवस में इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी द्वारा अलग-अलग विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक में विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार आधारित पहलों पर भी चर्चा की गई। स्वास्थ्य क्षेत्र में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नवविवाहित दंपतियों के लिए ऑनलाइन संकल्प व्यवस्था, गर्भवती महिलाओं के लिए उपयोगी मोबाइल एप्लीकेशन तथा चिकित्सालयों में प्रतीक्षा समय के लिए डिजिटल टोकन प्रणाली विकसित करने के सुझावों पर विचार किया गया.. वही शिक्षा क्षेत्र में विद्यालयों में मंदारिन (Mandarin) भाषा शिक्षण की संभावनाओं तथा विद्यार्थियों के लिए पॉक्सो अधिनियम, नशा मुक्ति एवं अन्य सामाजिक विषयों पर जागरूकता आधारित पाठ्यक्रम विकसित करने पर चर्चा की गई।
इस बैठक में निराश्रित पशुओं के बेहतर प्रबंधन हेतु आरएफआईडी (RFID) चिप आधारित पहचान प्रणाली विकसित करने पर भी चर्चा की गई। महिला सुरक्षा के दृष्टिगत सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं के लिए अलग से टॉयलेट (शी-टॉयलेट) स्थापित करने एवं शहर मेंमहिला सुरक्षा के दृष्टिगत डार्क स्पॉट्स की पहचान कर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने संबंधी सुझावों पर भी कार्य करने के निर्देश दिये गए..बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी विषयों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।









