
एक गाय से डेयरी कारोबार, गुच्छी मशरूम से कमाई और जर्मनी में नर्सिंग की नौकरी तक… ‘विकसित उत्तराखंड’ की नई तस्वीर..
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘विकसित उत्तराखण्ड–यात्रा जारी है’ संवाद कार्यक्रम में प्रदेश के उद्यमियों, नवाचारकर्ताओं, प्रगतिशील किसानों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों से संवाद किया। मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने प्रतिभागियों की सफलता की कहानियां सुनीं और उनके प्रयासों की सराहना की।

पांच साल में स्टार्टअप 700 से बढ़कर 1700 पार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में उत्तराखंड अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या लगभग 700 से बढ़कर 1700 से अधिक हो गई है। यह युवाओं में बढ़ती उद्यमशीलता और नवाचार का संकेत है। सरकार का लक्ष्य स्वरोजगार को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
एक गाय से शुरू किया कारोबार, अब 13 गायों का डेयरी व्यवसाय
संवाद में उत्तरकाशी के जयप्रकाश ने बताया कि उन्होंने एक गाय से डेयरी व्यवसाय शुरू किया था। सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अब वे पांच बद्री गाय और आठ देशी गाय पाल रहे हैं। वहीं, पौड़ी के नवीन पटवाल गुच्छी मशरूम के व्यावसायिक उत्पादन से रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं।
ऊधमसिंह नगर के विकास कुमार शाह ने बताया कि पत्नी के साथ शुरू किए गए उनके स्टार्टअप का टर्नओवर 10 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। चम्पावत के राहुल नरियाल ने सौर ऊर्जा और बैटरी से चलने वाली कार तैयार करने के अपने नवाचार की जानकारी दी।
पलायन छोड़ गांव लौटे युवा, औषधीय खेती से करोड़ों की आय
चमोली के राजेश ने गांव लौटकर रोजमेरी और हर्बल उत्पादों के क्षेत्र में काम शुरू किया और स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ा। डॉ. हरपाल नेगी ने घेस क्षेत्र में कुटकी जैसी औषधीय वनस्पतियों की खेती को बढ़ावा दिया है। उनके अनुसार, इस कार्य से 300 से अधिक लोग जुड़े हैं और सामूहिक वार्षिक आय लगभग डेढ़ से दो करोड़ रुपये तक पहुंच रही है।
नैनीताल की कमला देवी वाहनों के टायरों की मरम्मत के काम से अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। सोमेश्वर के ललित खाती ने एकीकृत कृषि प्रणाली के जरिए रोजगार सृजन के अनुभव साझा किए। वहीं, गीता पंत और सुमन पांथरी पिरूल से उपयोगी उत्पाद तैयार कर रही हैं तथा कल्पना बिष्ट मोटे अनाज से बने उत्पादों की बेकरी संचालित कर रही हैं।
सरकारी प्रशिक्षण से जर्मनी में मिला रोजगार
मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत जर्मनी में नर्सिंग के क्षेत्र में रोजगार प्राप्त करने वाली टिहरी की सपना राणा ने बताया कि राज्य सरकार के सहयोग से जर्मन भाषा का प्रशिक्षण लेने के बाद उन्हें विदेश में काम करने का अवसर मिला। वहीं, सिंगापुर में सीवरेज जल शोधन के क्षेत्र में कार्यरत टनकपुर मूल निवासी शैलेश ने चम्पावत के एक गांव को गोद लेकर उसके विकास में सहयोग देने की इच्छा जताई।
कार्यक्रम में समावेशी शिक्षा, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों, बागवानी, कृषि और तकनीक के क्षेत्र में काम कर रहे प्रतिभागियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
स्थानीय संसाधनों से विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड के प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय उत्पादों और युवाओं की प्रतिभा में रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं हैं। सरकार उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है, ताकि युवा आत्मनिर्भर बनने के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें।
नियोजन विभाग और देवभूमि डायलॉग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में शासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्रतिभागी मौजूद रहे।















