
देहरादून से खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। दून क्लब स्थित हांडी रेस्टोरेंट की रसोई में सड़ी-गली सब्जियां, बासी खाद्य सामग्री, गंदगी और कॉकरोच-चूहों की मौजूदगी मिलने पर संयुक्त निरीक्षण टीम ने रेस्टोरेंट को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया। संचालक को 14 दिन का इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया है।




न्यू सर्वे रोड, करणपुर स्थित इस रेस्टोरेंट में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान फ्रीजर में खराब हालत में रखी सब्जियां, खुले बर्तनों में खाद्य सामग्री और मसालों की थैलियों को चूहों द्वारा कुतरा हुआ पाया गया। रसोई में गंदगी के साथ बर्तन धोने वाले क्षेत्र में कई दिनों के जूठे बर्तन और जमा कूड़ा-कचरा भी मिला। नालियां जाम थीं और ड्रेनेज सिस्टम की स्थिति भी खराब पाई गई।
निरीक्षण में करीब दो दिन पुराने चावल, दो से तीन दिन पुराना गूंथा हुआ आटा और लगभग एक सप्ताह पुरानी मोमोज एवं चाउमीन की सामग्री मिलने की बात सामने आई। कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस, पेस्ट कंट्रोल और इस्तेमाल किए जा रहे पानी की जांच से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी मौके पर उपलब्ध नहीं मिले।
कार्रवाई के दौरान 5 किलो बासी चावल, 15 किलो सब्जियां, 2 किलो मोमोज और बासी चिकन करी नष्ट कराई गई। वहीं, पनीर, दूध और तैयार चिकन करी के नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। इनकी रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने प्रतिष्ठित संस्थान में इस तरह की अनियमितताओं को चिंताजनक बताते हुए खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
रेस्टोरेंट संचालक को 14 दिन के भीतर साफ-सफाई, पेस्ट कंट्रोल, ड्रेनेज व्यवस्था, पेयजल की गुणवत्ता और कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस से संबंधित कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि के बाद दोबारा निरीक्षण होगा। सुधार नहीं मिलने पर लाइसेंस निलंबित करने सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
सवाल यह है कि प्रतिष्ठित संस्थान में भोजन की गुणवत्ता और रसोई की स्वच्छता की निगरानी आखिर किस स्तर पर हो रही थी? अब खाद्य नमूनों की जांच रिपोर्ट और दोबारा होने वाले निरीक्षण पर आगे की कार्रवाई टिकी है।













