
CM धामी ने नई सेरेमोनियल वर्दी और पुलिस के गौरव चिह्नों का किया अनावरण, ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ होगा नए पुलिस संकल्प का संदेश।
देहरादून: उत्तराखंड पुलिस अब नई पहचान और नए गौरव के साथ नजर आएगी। पुलिस बल की परंपरा, शौर्य और अनुशासन को आधुनिक स्वरूप देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड पुलिस के नवीन ध्वज, प्रतीक चिह्न, फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया, क्रेस्ट और सेरेमोनियल वर्दी का अनावरण किया। इस बदलाव के साथ पुलिस का नया ध्येय वाक्य ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ भी विशेष रूप से सामने आया है।










इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों और जवानों को बधाई देते हुए कहा कि नई पहचान केवल वर्दी और प्रतीकों में बदलाव नहीं है, बल्कि यह पुलिस बल की गौरवशाली परंपराओं, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के संकल्प को और मजबूत करने की पहल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए प्रतीकों का वास्तविक सम्मान तभी होगा, जब पुलिस के व्यवहार में संवेदनशीलता, कार्यप्रणाली में दक्षता और कार्रवाई में निष्पक्षता दिखाई देगी।
6 नवंबर को उत्तराखंड पुलिस के नाम होगी बड़ी उपलब्धि
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लिए एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आगामी 6 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ से अलंकृत करेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर पर पुलिस के जवान नई सेरेमोनियल वर्दी में परेड में हिस्सा लेंगे।
प्रतीक चिह्न में दिखेगा देवभूमि का गौरव
उत्तराखंड पुलिस के नए प्रतीक चिह्न में अशोक स्तंभ, सत्यमेव जयते, स्वर्णिम लॉरेल रीथ, हिमालय और नदी को शामिल किया गया है। ये प्रतीक राष्ट्रीय गौरव, सत्य, न्याय, उत्कृष्टता और उत्तराखंड की भौगोलिक पहचान को प्रदर्शित करेंगे।
पुलिस के पुराने तीन रंगों वाले क्षैतिज ध्वज की जगह अब गहरे नीले रंग का नया ध्वज अपनाया गया है। इसके मध्य में नवीन पुलिस प्रतीक चिह्न के साथ लाल और स्वर्णिम किनारे रखे गए हैं।
खाकी के साथ अब दिखेगा नया सेरेमोनियल अंदाज
पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की वर्दी पर लगने वाले फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया और क्रेस्ट को भी नए प्रतीक चिह्न के अनुरूप तैयार किया गया है। वहीं पारंपरिक खाकी वर्दी में बहुरंगी सेरेमोनियल सैश, अलंकरण और परेड से जुड़ी विशिष्ट साज-सज्जा शामिल की गई है।
स्मार्ट पुलिसिंग और जनता के भरोसे पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में लगातार काम हो रहा है। राज्य सरकार की प्राथमिकता उत्तराखंड पुलिस को आधुनिक तकनीक से लैस, अधिक प्रशिक्षित और सक्षम बनाना है। उन्होंने पुलिसकर्मियों से नए ध्येय वाक्य को अपने आचरण और कार्यशैली में उतारने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्दी का सम्मान आचरण से और जनता का विश्वास सेवा से मजबूत होता है। राष्ट्रीय एकता दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई।
गौरतलब है कि उत्तराखंड पुलिस के ध्वज का पहली बार अनावरण 4 अप्रैल 2008 को हुआ था। बदलती चुनौतियों और पुलिस बल के बढ़ते दायित्वों को देखते हुए नए गौरव चिह्न तैयार किए गए, जिन्हें मुख्यमंत्री ने 21 अक्टूबर 2026 को अनुमोदन प्रदान किया था।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, डीजीपी सहित शासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।











