
एंटीवायरस ऐप बेचने के नाम पर अमेरिका-कनाडा के नागरिकों से 100 डॉलर के गिफ्ट कार्ड मंगवाते थे आरोपी; 14 मोबाइल, 4 लैपटॉप, आईपैड और 3 लग्जरी वाहन बरामद..
देहरादून :देहरादून में विदेशी नागरिकों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का राजपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। तरला नागल रोड स्थित ऑर्चिड पार्क के एक किराये के फ्लैट में फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर मोबाइल और लैपटॉप में एंटीवायरस ऐप उपलब्ध कराने के नाम पर विदेशी नागरिकों से धोखाधड़ी करने का आरोप है।



पुलिस के मुताबिक, आरोपी फर्जी अंग्रेजी नामों से विदेशी नागरिकों को कॉल करते थे और उनके मोबाइल या लैपटॉप में खराबी बताकर उसे ठीक करने के नाम पर एंटीवायरस ऐप डाउनलोड कराने का झांसा देते थे। इसके बदले उनसे 100 डॉलर कीमत का गिफ्ट कार्ड खरीदवाया जाता था। आरोपी गिफ्ट कार्ड का नंबर या उसकी तस्वीर मंगवाते थे, लेकिन भुगतान मिलने के बाद अधिकांश ग्राहकों को ऐप उपलब्ध नहीं कराया जाता था। गिफ्ट कार्ड को बाद में कम कीमत पर बेचकर रकम हासिल की जाती थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह ने विदेशियों के करीब 5 हजार मोबाइल नंबर खरीदे थे और गूगल वॉइस ऐप के जरिए कॉल की जाती थी। आरोपी पुलिस और अन्य एजेंसियों से बचने के लिए कुछ समय बाद कॉल सेंटर का ठिकाना बदल देते थे। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी आशीष नागर पहले नोएडा के एक कॉल सेंटर में काम कर चुका है।
पुलिस ने मौके से 14 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप, चार्जर, एक आईपैड और तीन वाहन—आई-20, वरना और थार—बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशीष नागर, अक्षत शर्मा, अंशु मुद्गल, राज सिंह और अभिनव सिंह के रूप में हुई है। सभी आरोपियों के खिलाफ राजपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में ठगी के कुल पीड़ितों, हासिल की गई रकम और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में मुख्य अभियुक्त आशीष द्वारा बताया गया कि वह पहले नोएडा स्थित एक कॉल सेन्टर में काम करता था, जहां उनके द्वारा विदेशी नागरिको को कॉल कर इसी प्रकार धोखाधडी की जाती थी। 03 माह पूर्व वह उक्त नौकरी को छोडकर देहरादून आ गया तथा देहरादून में अलग-अलग जगहों पर काम करने लगा। काम के दौरान उसके द्वारा एक वर्चुअल मोबाइल नंबर लिया गया था, जिसे उसने बीटीसी बॉस नाम से सेव किया गया था। देहरादून में उसके द्वारा राजपुर क्षेत्र में एक फ्लैट किराये पर लेकर उसमें अपने साथियों के साथ फर्जी कॉल एजेंसी/ सेंटर संचालित किया जा रहा था, जिसके लिए उसके द्वारा विदेशी नागरिकों के करीब 5000 मोबाइल नंबर खरीदे गये थे, जिन्हें वह स्वयं व अपने साथियों के माध्यम से गूगल वॉइस एप के द्वारा कॉल कर उनके फोन मे खराबी होने तथा उसे ठीक करने के एवज में उनके मोबाइल पर एण्टीवायरस एप डाउनलोड करने की जानकारी देते थे तथा एप को उन्हें देने के एवज में उनसे 100 डालर कीमत का गिफ्ट कार्ड खरीदवाकर उसका नम्बर बताने अथवा फोटो मंगाया जाता था, जिसे उनके द्वारा बीटीसी बॉस के नाम से सेव किए गए वर्चुअल नंबर पर भेजा जाता था तथा उसके एवज में उनके खातों में अलग-अलग नंबरों से पैसे आते थे। गिफ्ट कार्ड मिलने के बाद उनके द्वारा केवल कुछ ग्राहकों को ही एंटीवायरस ऐप उपलब्ध कराया जाता था।उक्त गिफ्ट कार्ड को वे सस्ते दामों में विदेशी नागरिकों को बेच देते थे, जिसके एवज में उनके द्वारा भी उनके खातों में पैसा डाला जाता था। उनके द्वारा जितने भी विदेशी नागरिकों से धोखाधड़ी की गई है, उनमे से अधिकतर अमेरिका तथा कनाडा के है। अपनी कॉल एजेंसी/सेन्टर को उनके द्वारा एक स्थान पर कुछ समय के लिये ही संचालित किया जाता था, जिसके उपरान्त वो जगह बदल देते थे, ताकि पुलिस या किसी अन्य एंजेसी को उनके विषय में कोई जानकारी न हो सके।
गिरफ्तार अभियुक्त:
1- आशीष नगर पुत्र अखिल नागर निवासी 93 मोरिवाड़ा थाना कोतवाली सिटी मेरठ उत्तर प्रदेश उम्र 32 वर्ष
2-अक्षत शर्मा पुत्र अरविंद शर्मा निवासी 122 शाहखाकी चौक थाना कोतवाली सिटी मेरठ उत्तर प्रदेश उम्र 22 वर्ष
3-अंशु मुद्गल पुत्र मनीष मुद्गल निवासी 36 अनूप नगर फाजलपुर मेरठ उत्तर प्रदेश उम्र 23 वर्ष
4-राज सिंह पुत्र अजय कुमार निवासी सिलवारा रोड सिविल लाइन थाना सिलवारा रोड जनपद सुलतानपुर उत्तर प्रदेश उम्र 23 वर्ष
5-अभिनव सिंह पुत्र सुनील कुमार निवासी 1101/12 थाना शास्त्री नगर जनपद सुलतानपुर उत्तर प्रदेश उम्र 25 वर्ष।
बरामदगी:
1- मोबाइल फोन-14
2- लैपटॉप-04
3-चार्जर-05
4-आईपैड-01
5-लग्जरी वाहन-03(आई-20, वरना तथा थार)











