
देहरादून: जनपद के दूरस्थ और वन क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। जिलाधिकारी ने विधानसभा चुनाव से पहले सभी 19 चिह्नित शैडो एरिया में मोबाइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। इनमें मसूरी विधानसभा क्षेत्र के 7 और चकराता विधानसभा क्षेत्र के 12 क्षेत्र शामिल हैं।
जिला टेलीकॉम समिति एवं नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन की समीक्षा बैठक में डीएम ने BSNL सहित सभी दूरसंचार कंपनियों को नेटवर्क विहीन और कमजोर कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में युद्धस्तर पर काम करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आचार संहिता लागू होने से पहले सभी चिह्नित क्षेत्रों में नेटवर्क पहुंचाने का लक्ष्य प्राथमिकता से पूरा किया जाए।
170 गांव अब भी BSNL नेटवर्क से वंचित
बैठक में सामने आया कि देहरादून के 767 गांवों में से 597 गांवों तक BSNL कनेक्टिविटी पहुंच चुकी है, जबकि 170 गांव अभी भी नेटवर्क से नहीं जुड़ पाए हैं। वन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी पहुंचाने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। फुलसानी, दिरनाद और सिल्ला में नए 4G मोबाइल टावर स्थापित करने के प्रस्ताव भी स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं।
69 ग्राम पंचायतों में भारतनेट सेवा प्रभावित
भारतनेट परियोजना के तहत पहले चरण में जुड़ी 209 ग्राम पंचायतों में से 69 में फाइबर केबल कटने से कनेक्टिविटी प्रभावित है। वहीं, दूसरे चरण की 228 ग्राम पंचायतों में से 189 को कनेक्ट किया जा चुका है और शेष 39 में काम जारी है।
वही डीएम ने निष्क्रिय मोबाइल टावरों को तत्काल दुरुस्त करने, नेटवर्क बहाल करने और लंबित फाइबर कनेक्टिविटी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिन क्षेत्रों में किसी भी कंपनी का टावर नहीं है, वहां BSNL को प्राथमिकता के आधार पर टावर स्थापना की कार्ययोजना आगे बढ़ाने को कहा गया है।
प्रशासन का जोर दूरस्थ गांवों, ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों तक संचार सुविधाएं पहुंचाने पर है, ताकि नेटवर्क की समस्या दूर कर निर्धारित समयसीमा में कनेक्टिविटी का लक्ष्य हासिल किया जा सके।












