
ललित मोहन जोशी बोले—संस्कार और परिवार से शुरू होती है नशामुक्त समाज की नींव
देहरादून: नशामुक्त भारत अभियान के तहत जिला प्रशासन देहरादून की ओर से ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में नशामुक्ति जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में 10 हजार युवाओं को नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की शपथ दिलाई गई। इस दौरान छात्र-छात्राओं को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों की जानकारी देकर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम में सजग इंडिया के संस्थापक एवं CIMS & UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के अध्यक्ष शिक्षाविद् ललित मोहन जोशी, एडीएम स्मिता परमार और जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल सहित विभिन्न अधिकारी, विशेषज्ञ और वक्ता मौजूद रहे.

संस्कार, शिक्षा और परिवार से बनेगा नशामुक्त समाज
विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद् ललित मोहन जोशी ने युवाओं से नशे से पूरी तरह दूर रहने और अपने जीवन में सकारात्मक विकल्प चुनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे की लत केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करती, बल्कि उसके परिवार, शिक्षा, करियर और सामाजिक जीवन पर भी प्रतिकूल असर डालती है। इससे बचाव के लिए आत्म-अनुशासन, आत्म-नियंत्रण और अपने व्यवहार के प्रति सजग रहना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने की शुरुआत संस्कार और परिवार से होती है। माता-पिता का सम्मान, परिवार के प्रति जिम्मेदारी, नैतिक मूल्यों की समझ और संस्कारयुक्त शिक्षा युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण की मजबूत नींव हैं। स्वस्थ, शिक्षित और जागरूक युवा ही देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।
युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देना जरूरी
ललित मोहन जोशी ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए उन्हें शिक्षा, कौशल विकास, खेल, रोजगार, नवाचार और उद्यमिता जैसे अवसरों से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटना केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के भविष्य से जुड़ी सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने मित्रों, परिवारजनों तथा आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा, “नशामुक्त युवा ही स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।”
कार्यक्रम में एडीएम स्मिता परमार सहित अन्य अधिकारियों ने भी नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही प्रशासन, शैक्षणिक संस्थानों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों से इस दिशा में मिलकर निरंतर प्रयास करने की अपील की।











